महज 2300 रुपये लेकर घर से निकली थीं पांचों छात्राएं, पुलिस की तत्परता से सकुशल परिजनों तक पहुंचीं

15 दिनों बाद पुनः सीडब्ल्यूसी के समक्ष होंगी उपस्थित

अररिया. नरपतगंज से स्कूल जाने की बात कहकर घर से निकलीं और लापता पांचों छात्राओं को बुधवार को बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) अररिया के अध्यक्ष दीपक कुमार वर्मा ने गहन पूछताछ के बाद उनके परिजनों को सौंप दिया. जांच में जो तथ्य सामने आये, वे नासमझी में उठाये गये एक गंभीर कदम की ओर इशारा करते हैं. सीडब्ल्यूसी अध्यक्ष दीपक कुमार वर्मा ने बताया कि कुल छह सहेलियों ने आपस में दिल्ली जाने की योजना बनायी थी, लेकिन एक सहेली का सामान तैयार होने के बावजूद वह साथ नहीं जा सकी. चौंकाने वाली बात यह रही कि पांच छात्राओं में से केवल तीन के पास ही पैसे थे और वह भी कुल मिलाकर महज 2300 रुपये. इस राशि के सहारे वे दिल्ली जाकर कमरा लेने, वहां रहने और घूमने की कल्पना लेकर घर से निकल पड़ी थीं. पूछताछ के दौरान यह भी सामने आया कि एक छात्रा की पंकज नामक युवक से बातचीत होती थी. हालांकि, वह युवक दिल्ली में उनके संपर्क में रहता या नहीं, इसे लेकर कोई ठोस साक्ष्य सामने नहीं आया है.

पूर्णिया स्टेशन पर महिला से हुआ संपर्क

जांच में यह तथ्य भी उजागर हुआ कि पूर्णिया रेलवे स्टेशन पर छात्राओं की मुलाकात लक्ष्मी देवी नामक महिला से हुई. महिला ने पांचों छात्राओं को अपने साथ रखा. पहले उन्हें पूर्णिया सिटी स्थित अपने ससुराल ले जाने की कोशिश की, लेकिन वहां परिजनों के तैयार नहीं होने पर उन्हें कसबा थाना क्षेत्र के बंगाली टोला स्थित अपने मायके ले गयी.

बताया गया कि महिला बंगाली भाषा में बात कर रही थी, जिसे बच्चियां समझ नहीं पा रही थीं. इसी बीच एक बच्ची ने अपने पिता को फोन कर अपना पता बताया. हालांकि, वह पता गलत निकला, लेकिन जिस मोबाइल नंबर से संपर्क हुआ था, उसके लोकेशन के आधार पर नरपतगंज पुलिस छात्राओं तक पहुंची. पुलिस की त्वरित कार्रवाई से न केवल पांचों छात्राओं की सकुशल बरामदगी संभव हो सकी, बल्कि महिला व उसके पति को भी हिरासत में लिया गया.

पीआर बांड पर छोड़ी गयी महिला, जांच जारी

एसडीपीओ फारबिसगंज मुकेश कुमार साहा ने बताया कि प्राथमिक जांच में यह बात सामने आयी है कि महिला ने छात्राओं को इधर-उधर भटकने से रोका, जिससे किसी बड़ी अनहोनी की आशंका टल गयी. इसी आधार पर महिला को पीआर बांड पर छोड़ा गया है. हालांकि, पूरे मामले की छानबीन जारी है और जरूरत पड़ने पर महिला को दोबारा पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा.

कोट

सभी प्रक्रियाएं पूरी करने के बाद पांचों छात्राओं को उनके अभिभावकों के सुपुर्द कर दिया गया है. एहतियात के तौर पर 15 दिनों के बाद अभिभावकों को छात्राओं के साथ पुनः सीडब्ल्यूसी कार्यालय बुलाया गया है, ताकि उनकी स्थिति की समीक्षा की जा सके और भविष्य में किसी भी तरह की जोखिमपूर्ण या हिंसक गतिविधि की पुनरावृत्ति रोकी जा सके.

— दीपक कुमार वर्मा, अध्यक्ष, सीडब्ल्यूसी, अररिया

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