विशिष्ट शिक्षकों के साथ शिक्षा विभाग कर रहा मजाक: प्रशांत

आठ माह से 15 हजार रुपये प्रतिमाह कम वेतन देना दुर्भाग्यपूर्ण

शिक्षकों को राज्य कर्मी बनाकर लगातार 08 माह से 15 हजार रुपये प्रतिमाह कम वेतन देना दुर्भाग्यपूर्ण जब थे नियोजित शिक्षक तो मिल रहा था वेतन 50 हजार, अब सक्षमता पास कर राज्य कर्मी बनें तो मिल रहा 35 हजार अररिया. बिहार पंचायत नगर प्रारंभिक शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष सह प्रदेश वरीय उपाध्यक्ष प्रशांत कुमार ने रविवार को प्रेस विज्ञप्ति जारी कर शिक्षा विभाग पर विशिष्ट शिक्षकों के साथ भद्दा मजाक करने का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी जहां सभी का मानदेय बढ़ा रहे हैं, वहीं इतिहास में ऐसा पहली बार देखने को मिल रहा है कि किसी परीक्षा देकर राज्य कर्मी बने शिक्षकों का वेतन बढ़ाने के बजाय 15 हजार रुपये कम कर दे रहे हैं. प्रदेश वरीय उपाध्यक्ष ने कहा कि बिहार विद्यालय विशिष्ट शिक्षक नियमावली (सरकारी गजट) के कंडिका 8 के आलोक में सक्षमता परीक्षा देने वाले शिक्षक को राज्यकर्मी बनने के साथ पूर्ण वेतन संरक्षण (पे प्रोटेक्शन) के तहत वेतन भुगतान होना था. लेकिन दुर्भाग्य की बात है कि विशिष्ट शिक्षक बने आठ माह हो गये हैं लेकिन आज तक उन्हें पे प्रोटेक्शन नहीं दिया गया, उल्टे पिछले 8 माह से 15 हजार रुपये तक प्रतिमाह कम वेतन दिया जा रहा है. यही शिक्षक जब तक नियोजित शिक्षक के रूप में काम कर रहे थे तब 50 हजार वेतन मिलता था, अब जब सक्षमता परीक्षा देकर राज्य कर्मी बने हैं तो वेतन 35 हजार रुपये दिया जा रहा है, यह विशिष्ट शिक्षकों के साथ भद्दा मजाक है. कहा कि लगातार आठ माह से 15 हजार रुपये कम वेतन मिलने से लाखों विशिष्ट शिक्षकों के सामने आर्थिक संकट की समस्या उत्पन्न हो गयी है, ठीक से घर-परिवार नहीं चला पा रहे हैं. उन्होंने आगे कहा कि एचआरएमएस पोर्टल पर एचआरए व डीए में भी विसंगति हैं, जिस कारण शिक्षकों को जो दर से एचआरए व डीए मिलना चाहिए वह नहीं मिल पा रहा है. यह परेशानी विद्यालय अध्यापक के साथ भी है, क्योंकि जो एचआरएमएस पोर्टल पर विद्यालय अध्यापक का पेमेंट होता है उसी एचआरएमएस पोर्टल पर विशिष्ट शिक्षकों के भी वेतन का भुगतान हो रहा है. एचआरएमएस पोर्टल अपडेट नहीं रहने के कारण छह लाख शिक्षकों को एचआरए व डीए के भुगतान में विसंगति तो हैं हीं, बेसिक वेतन में भी समस्या है. उन्होंने कहा कि जल्द शिक्षकों की समस्या का समाधान नहीं हुआ तो शिक्षकों की नाराजगी बढ़ सकती है.

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