अररिया के नरपतगंज से संजीव कुमार यादव की रिपोर्ट
Summer Camp: बिहार सरकार के शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार, विद्यालयों में गर्मी की छुट्टियों (समर वेकेशन) के दौरान बच्चों के शैक्षणिक स्तर को सुधारने के लिए ‘समर कैंप 2026’ की रूपरेखा तैयार कर ली गई है. इसी कड़ी में सोमवार को नरपतगंज प्रखंड मुख्यालय परिसर स्थित आदर्श मध्य विद्यालय में प्रखंड स्तरीय स्वयंसेवकों, शिक्षा सेवकों और तालीमी मरकज के प्रेरकों के लिए एक दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस कार्यशाला में प्रखंड भर से आए दर्जनों शिक्षा दूतों को बच्चों को खेल-खेल में पढ़ाने के आधुनिक तौर-तरीकों से अवगत कराया गया.
प्रथम एजुकेशन फाउंडेशन के समन्वयकों ने दिया प्रशिक्षण
समर कैंप के उद्देश्यों और प्रशिक्षण कार्यक्रम की मुख्य बातें निम्नलिखित बिंदुओं के माध्यम से समझी जा सकती हैं:
- प्रशिक्षक और संचालक: इस एक दिवसीय कार्यशाला का प्रशिक्षण ‘प्रथम एजुकेशन फाउंडेशन’ (Pratham Education Foundation) के बैनर तले प्रखंड समन्वयक अभिलाषा कुमारी और स्वीटी वर्मा के द्वारा संयुक्त रूप से दिया गया. वहीं, पूरे कार्यक्रम का कुशल संचालन केआरपी (Key Resource Person) चंदन मैडम द्वारा किया गया.
- कक्षा 5 और 6 के बच्चों पर विशेष फोकस: समन्वयकों ने बताया कि इस अभियान का मुख्य फोकस कक्षा 5 और 6 के उन बच्चों पर रहेगा, जो पढ़ाई में थोड़े कमजोर हैं. उपलब्ध विभागीय आंकड़ों के विश्लेषण से स्पष्ट हुआ है कि प्राथमिक स्तर के कई बच्चे आज भी अपनी कक्षा के निर्धारित और अपेक्षित पाठ्यक्रम (सिलेबस) के स्तर तक नहीं पहुंच पाए हैं.
खेल-खेल में मजबूत होगी बच्चों की बुनियादी भाषा और गणितीय क्षमता
कैंप का मुख्य उद्देश्य: इस समर कैंप का मूल उद्देश्य यह है कि गर्मी की छुट्टियों के कारण बच्चों की पढ़ाई की निरंतरता (कंटिन्यूटी) न टूटे. कैंप के दौरान सभी प्रशिक्षित स्वयंसेवक और तालीमी मरकज के शिक्षा सेवक खेल-कूद, कहानियों, कविताओं और मनोरंजक गतिविधियों के माध्यम से बच्चों के भीतर अक्षर ज्ञान, शुद्ध पढ़ने-लिखने की कला और बुनियादी गणितीय क्षमताओं (जोड़, घटाव, गुणा, भाग) को विकसित कर उन्हें मजबूत बनाएंगे.
छुट्टियों में बंद नहीं होगी पढ़ाई, गांवों में शिक्षा सेवक संभालेंगे कमान
धरातल पर क्रियान्वयन की तैयारी:
प्रशिक्षण के समापन पर केआरपी चंदन मैडम ने सभी स्वयंसेवकों और शिक्षा सेवकों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने आवंटित पोषक क्षेत्रों (कैचमेंट एरिया) और महादलित व अल्पसंख्यक बहुल टोलों में जाकर बच्चों और अभिभावकों को इस समर कैंप के प्रति जागरूक करें.
गर्मी की छुट्टियों के दौरान ये सभी प्रशिक्षित कर्मी नियमित रूप से गांवों और टोलों में कैंप लगाकर बच्चों को एक्स्ट्रा क्लास देंगे, ताकि जब छुट्टियां खत्म होने के बाद स्कूल दोबारा खुलें, तो इन बच्चों का बेस (आधार) मजबूत हो सके और वे अन्य बच्चों के साथ कदम से कदम मिलाकर चल सकें. इस मौके पर नरपतगंज प्रखंड के विभिन्न संकुलों से आए दर्जनों शिक्षा सेवक, तालीमी मरकज के कार्यकर्ता और स्थानीय शिक्षक उपस्थित रहे.
