आपदा के दौरान बच्चों की विशेष सुरक्षा जरूरी, अररिया में सिखाये गये बचाव के तरीके

अररिया में आपदा के दौरान बच्चों की सुरक्षा के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया. पर्यवेक्षण गृह के बच्चों और कर्मियों को बाढ़, वज्रपात, डूबने और सर्पदंश जैसी आपदाओं से बचाव के उपाय सिखाए गए. आपसी सहयोग और जागरूकता से आपदा के प्रभाव को कम करने पर जोर दिया गया.

अररिया : सामान्य दिनों की तुलना में आपदा के दौरान बच्चों की सुरक्षा और देखरेख को लेकर अधिक सतर्क रहने की जरूरत है. बाढ़, वज्रपात, डूबने और सर्पदंश जैसी आपदाओं के समय बच्चों को सुरक्षित रखने के लिए सही जानकारी और समय पर मदद लेना बेहद जरूरी है.

इसी को लेकर पर्यवेक्षण गृह, अररिया में जिला बाल संरक्षण इकाई के सहायक निदेशक के मार्गदर्शन में आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन कार्यक्रम के तहत प्रशिक्षण और उन्मुखीकरण कार्यक्रम आयोजित किया गया. कार्यक्रम यूनिसेफ बिहार इंटर एजेंसी ग्रुप और जीपीएसवीएस के संयुक्त तत्वावधान में हुआ. इसमें पर्यवेक्षण गृह के बच्चों और कर्मियों को आपदा के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों की जानकारी दी गयी.

बाढ़ और वज्रपात से बचाव के उपाय बताये

प्रशिक्षण के दौरान बच्चों और कर्मियों को बाढ़ पूर्व तैयारी, डूबने से बचाव, वज्रपात से सुरक्षा और सर्पदंश की स्थिति में प्राथमिक प्रबंधन के बारे में बताया गया. उन्हें आपदा की स्थिति में सुरक्षित स्थान पर जाने, पूर्व चेतावनी का पालन करने और समय पर सहायता लेने के महत्व की जानकारी दी गयी.

समन्वय और जागरूकता से कम होगा आपदा का असर

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए गृह अधीक्षक अमरजीत कुमार ने कहा कि अररिया में प्राकृतिक और मौसमी आपदाओं का प्रभाव काफी तीव्र रहता है. आपसी सहयोग, समन्वय और जनजागरूकता के माध्यम से आपदा के प्रभाव को काफी हद तक कम किया जा सकता है. उन्होंने कहा कि बच्चे संवेदनशील समूह में आते हैं, इसलिए आपदा के दौरान उनकी विशेष देखरेख और सुरक्षा सुनिश्चित करना जरूरी है.

जिला सलाहकार कमल कामत ने सुरक्षित और प्राथमिक प्रबंधन के उपायों की जानकारी दी. वहीं प्रखंड समन्वयक प्रमोद कुमार कर्मकार ने मॉकड्रिल के माध्यम से आपदा की स्थिति में अपनाये जाने वाले जीवनरक्षक कौशल और व्यवहारिक उपायों का प्रदर्शन किया.

अफवाहों से बचने और संयम बरतने की अपील

प्रशिक्षण के दौरान बच्चों और कर्मियों को आपात स्थिति में शांत रहने, सुरक्षित स्थान की पहचान करने और जरूरत पड़ने पर तत्काल सहायता लेने की जानकारी दी गयी. साथ ही आपदा से संबंधित पूर्व चेतावनी को गंभीरता से लेने और उसका पालन करने की अपील की गयी.

कार्यक्रम में अफवाहों पर ध्यान नहीं देने तथा आपदा की स्थिति में साहस, संयम और सहयोग के साथ काम करने का संदेश दिया गया. कार्यक्रम में पर्यवेक्षण गृह के बच्चे और कर्मी उपस्थित रहे.

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By Pankaj jha

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