सिकटी CHC में रोगी कल्याण समिति की बैठक: 11 प्रस्तावों को मंजूरी

Sikti CHC: अररिया जिले के सिकटी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने और अस्पताल प्रबंधन को हाई-टेक करने के लिए रोगी कल्याण समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई. प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) परवेज आलम की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में अस्पताल की सूरत बदलने के लिए सर्वसम्मति से 11 बड़े प्रस्तावों को पास किया गया.

अररिया के सिकटी से संजय प्रताप सिंह की रिपोर्ट

Sikti CHC: सिकटी प्रखंड मुख्यालय स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रशासनिक कक्ष में रोगी कल्याण समिति (RKS) की समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया. प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) परवेज आलम की अगुवाई में हुई इस उच्चस्तरीय बैठक में अस्पताल के बुनियादी ढांचे, चिकित्सा उपकरणों की उपलब्धता और मरीजों के अधिकारों से जुड़ी विभिन्न कड़ियों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया. बैठक की शुरुआत में समिति के सदस्यों ने समय पर बैठकें आयोजित न होने का मुद्दा उठाते हुए अस्पताल प्रबंधन के सामने अपनी चिंताएं रखीं, जिसके बाद बीडीओ ने भविष्य में नियमित अंतराल पर जन-सुनवाई और RKS की कड़ियां सुनिश्चित करने का निर्देश दिया.

इन 11 मुख्य प्रस्तावों पर लगी मुहर; बुनियादी ढांचे का होगा कायाकल्प

अस्पताल की व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए जिन 11 प्रस्तावों को सर्वसम्मति से हरी झंडी दिखाई गई है, उनकी मुख्य कड़ियां निम्नलिखित हैं:

  • सौंदर्यीकरण और स्वच्छता: स्वास्थ्य केंद्र के मुख्य भवन की बाहरी दीवारों का रंग-रोगन (पेंटिंग) कराया जाएगा और पूरे अस्पताल परिसर के भीतर व बाहर समुचित साफ-सफाई के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा.
  • जलजमाव से मुक्ति व हर्बल गार्डन: परिसर के भीतर जिन स्थानों पर बारिश का पानी जमा होता है, वहां मच्छरों के प्रकोप को रोकने के लिए मिट्टी भराई (लैंड फिलिंग) की जाएगी. साथ ही अस्पताल परिसर में एक सुंदर ‘हर्बल गार्डन’ (औषधीय उद्यान) विकसित किया जाएगा.
  • इंफ्रास्ट्रक्चर रिपेयरिंग: अस्पताल की क्षतिग्रस्त बाउंड्रीवॉल (चारद्वारी) की अविलंब मरम्मत कराई जाएगी. इसके अलावा चिलचिलाती गर्मी को देखते हुए डॉक्टरों के ओपीडी कक्ष में लगे कूलरों को तुरंत ठीक कराने का निर्णय लिया गया.

पिछले साल के आय-व्यय का लेखा-जोखा प्रस्तुत; आउटसोर्सिंग सेवाओं की समीक्षा

प्रशासनिक पारदर्शिता: “बैठक के दौरान वित्तीय कड़ियों को पारदर्शी बनाए रखने के लिए पिछले वित्तीय वर्ष के कुल आय और व्यय (लेखा-जोखा) का पूरा ऑडिट डेटा समिति के सदस्यों के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जिसे सर्वसम्मति से पास कर दिया गया.”

अस्पताल की आंतरिक सेवाओं को चुस्त-दुरुस्त करने के लिए निम्नलिखित कड़ियों पर फोकस किया गया:

  1. अनुबंधों का नवीनीकरण: अस्पताल में तकनीकी खराबी को तुरंत दूर करने के लिए ऑन-कॉल इलेक्ट्रिशियन और प्लंबर के अनुबंध (कॉन्ट्रैक्ट) को रिन्यूअल करने की प्रशासनिक मंजूरी दी गई.
  2. सुरक्षा और एक्सटेंशन: अस्पताल की सुरक्षा में तैनात एजेंसी के कार्यों की समीक्षा की गई और सुरक्षा कड़ियों को मजबूत रखने के लिए नियमों के तहत उसके एक्सटेंशन (सेवा विस्तार) पर चर्चा हुई.
  3. ओपीडी और एक्स-रे पर विशेष नजर: बीडीओ ने निर्देश दिया कि ओपीडी (OPD) और डिजिटल एक्स-रे सेवाओं का लाभ गरीब मरीजों को बिना किसी बाधा के मिलना चाहिए.

‘रोगी अधिकार चार्टर’ का होगा निर्माण; आशा कार्यकर्ताओं को मिलेगी सुविधा

बैठक में लिए गए सबसे अहम फैसलों में से एक ‘रोगी अधिकार चार्टर’ (Patients’ Charter of Rights) के निर्माण पर ठोस नीति तैयार करना रहा. इसके तहत अस्पताल के मुख्य द्वार और ओपीडी काउंटर के पास बड़े साइनबोर्ड लगाए जाएंगे, ताकि मरीजों को मिलने वाली मुफ्त दवाओं, जांच और उनके अधिकारों की स्पष्ट कड़ियां मालूम हो सकें.

इसके साथ ही, ग्रामीण क्षेत्रों से गर्भवती महिलाओं और मरीजों को अस्पताल लाने वाली आशा (ASHA) कार्यकर्ताओं के बैठने और विश्राम के लिए स्वास्थ्य केंद्र के भीतर एक समुचित और सर्वसुविधायुक्त मीटिंग हॉल की व्यवस्था करने का प्रस्ताव भी पारित किया गया. बैठक में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, स्वास्थ्य प्रबंधक और रोगी कल्याण समिति के सभी सम्मानित सदस्य व स्थानीय जनप्रतिनिधि मुख्य रूप से उपस्थित रहे.

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लेखक के बारे में

Published by: Divyanshu Prashant

दिव्यांशु प्रशांत वर्तमान में Prabhat Khabar डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। उन्होंने महात्मा गाँधी अंतर्राष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा से पत्रकारिता में परास्नातक तथा टी. एन. बी. कॉलेज भागलपुर से हिंदी साहित्य में स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। हिंदी साहित्य की पृष्ठभूमि होने के कारण उन्हें पढ़ने, लेखन और कविता-सृजन में विशेष रुचि है। मीडिया क्षेत्र में लगभग एक वर्ष के अनुभव के दौरान वे Dainik Jagran में न्यूज़ राइटर और रिपोर्टर के रूप में कार्य कर चुके हैं। करियर के शुरुआती दौर में लोकसभा और विधानसभा चुनावों से जुड़े पॉलिटिकल कंटेंट राइटिंग का विशेष अनुभव प्राप्त किया। सटीक, निष्पक्ष और प्रभावशाली लेखन के माध्यम से पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुँचाना उनकी पेशेवर पहचान है।

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