अररिया जिले के भारत-नेपाल सीमावर्ती शहर जोगबनी में शनिवार को एकादशी के पावन अवसर पर भक्ति का अनूठा माहौल देखने को मिला. श्री श्याम परिवार ट्रस्ट, जोगबनी के तत्वावधान में श्याम भक्तों द्वारा भव्य 'निशान यात्रा' (ध्वज यात्रा) निकाली गई. इस धार्मिक आयोजन में जोगबनी शहर समेत आसपास के ग्रामीण व सीमावर्ती इलाकों से पहुंचे सैकड़ों श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया और खाटू श्याम बाबा का आशीर्वाद प्राप्त किया.
ढोल-नगाड़ों की धुन और जयकारों से गूंजा शहर
निशान यात्रा का शुभारंभ जोगबनी रेलवे स्टेशन प्रांगण स्थित ऐतिहासिक दुर्गा मंदिर से पूरे विधि-विधान के साथ हुआ:
- शहर भ्रमण: हाथों में श्री श्याम बाबा का पावन 'निशान' (ध्वज) थामे श्रद्धालु भजन-कीर्तन करते हुए शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरे.
- मंदिर में समापन: यात्रा पूरे जोगबनी शहर का भ्रमण करते हुए माहेश्वरी स्थित श्री खाटू श्याम मंदिर पहुंची, जहां ध्वज अर्पण के साथ इसका समापन हुआ.
- भक्तिमय माहौल: ढोल-नगाड़ों और ताशों की गूंज पर भक्त झूमते-नाचते नजर आए. "हारे के सहारे की जय" और "श्याम बाबा की जय" के जयकारों से पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो उठा.
एकादशी पूजन का विशेष धार्मिक महत्व
कार्यक्रम के दौरान श्री खाटू श्याम मंदिर, जोगबनी के प्रधान पुजारी ने एकादशी तिथि के महत्व पर प्रकाश डाला:
- कलयुगी अवतार की पूजा: सनातन परंपरा में एकादशी के दिन भगवान श्री कृष्ण के कलयुगी अवतार बाबा खाटू श्याम (बर्बरीक) की पूजा-अर्चना अत्यंत फलदायी मानी जाती है.
- मनोकामना पूर्ति: भक्त इस दिन व्रत (उपवास) रखकर बाबा के चरणों में निशान अर्पित करते हैं तथा खीर-चूरमे का विशेष भोग लगाते हैं. मान्यता है कि इससे सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और जीवन के दुख-कष्टों का निवारण होता है.
यात्रा में प्रमुख रूप से शामिल रहे ये श्रद्धालु
इस भव्य निशान यात्रा को सफल बनाने में श्री श्याम परिवार ट्रस्ट के सदस्यों और स्थानीय समाजसेवियों का विशेष योगदान रहा. मौके पर मुख्य रूप से शामिल रहे:
- राजनंदन यादव, रवि साह, राकेश भाटी, रामबाबू यादव, मोहित गर्ग
- रमेश बिहाणी, मिथिलेश राय, मदन गुप्ता, गुड्डू अग्रवाल, शंकर अग्रवाल
- रामकुमार सिंह, मनोज सिंह, राकेश केडिया, किशन केडिया, किशन अग्रवाल, छगन लाल शर्मा
