अररिया जिले के रानीगंज थाने से कर्तव्यनिष्ठा, समर्पण और मातृत्व का एक बेहद भावुक और प्रेरणादायक दृश्य सामने आया है. थाने में ओडी (OD) ड्यूटी पर तैनात प्रशिक्षु महिला दारोगा स्वीटी कुमारी अपनी सरकारी जिम्मेदारियों को पूरी निष्ठा से निभाते हुए थाना परिसर में ही अपनी सात वर्षीय बेटी आरोही कुमारी को पढ़ाती नजर आईं. ड्यूटी की व्यस्तता के बावजूद ममता और कर्तव्य के बीच संतुलन की इस तस्वीर ने हर किसी का दिल जीत लिया है.
कर्तव्य और मातृत्व के बीच शानदार संतुलन
कामकाजी महिलाओं के लिए अक्सर परिवार और पेशे के बीच संतुलन बनाना एक बड़ी चुनौती होती है, लेकिन प्रशिक्षु दारोगा स्वीटी कुमारी ने इसे अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति से आसान बना दिया:
- ड्यूटी के साथ मां का फर्ज: एक तरफ वह थाने की ओडी ड्यूटी के तहत फरियादियों की समस्याएं सुन रही थीं और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को निपटा रही थीं, तो दूसरी ओर फुर्सत के हर पल का उपयोग अपनी मासूम बेटी को पढ़ाने में कर रही थीं.
- प्रेरणादायक संदेश: समय के बेहतर प्रबंधन (Time Management) का यह अनूठा उदाहरण यह संदेश देता है कि मजबूत इरादों के साथ पारिवारिक जिम्मेदारियों और सरकारी सेवा को एक साथ सफलतापूर्वक निभाया जा सकता है.
हर तरफ हो रही सराहना, पुलिस महकमे के लिए गर्व का पल
थाने में मौजूद आम नागरिकों, पुलिसकर्मियों और स्थानीय लोगों ने प्रशिक्षु दरोगा स्वीटी कुमारी के इस समर्पण की जमकर तारीफ की:
स्थानीय निवासियों का कहना है: "यह दृश्य न केवल रानीगंज थाने के लिए बल्कि समाज की हर उस कामकाजी महिला के लिए गर्व और प्रेरणा का स्रोत है, जो दिन-रात संघर्ष कर अपने परिवार और पेशे दोनों की जिम्मेदारियों को बखूबी निभा रही हैं."
रानीगंज थाने की यह खास तस्वीर अब पूरे जिले में चर्चा का विषय बनी हुई है और लोग उनके इस जज्बे को सलाम कर रहे हैं.
