जिले में एलपीजी सिलेंडर का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध, छह गैस एजेंसियों पर छापामारी

अररिया जिला प्रशासन ने गैस की जमाखोरी रोकने के लिए 06 एजेंसियों पर औचक छापेमारी की, जहां स्थिति सामान्य पाई गई. जिले में वर्तमान में 12 हजार से अधिक सिलेंडरों का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और शिकायतों के निपटारे के लिए क्लस्टर कंट्रोल रूम बनाए गए हैं.

अररिया से पंकज कुमार की रिपोर्ट: जिले में घरेलू रसोई गैस सिलेंडर की सुलभ और निर्बाध आपूर्ति बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है. प्रशासनिक स्तर पर पारदर्शिता सुनिश्चित करने और उपभोक्ताओं को समय पर सिलेंडर उपलब्ध कराने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं. इसी कड़ी में सोमवार को जिलाधिकारी (डीएम) विनोद दूहन के विशेष निर्देश पर गठित अधिकारियों की टीम ने जिले की कुल 06 गैस एजेंसियों पर औचक छापेमारी की. हालांकि, इस सघन जांच अभियान के दौरान किसी भी एजेंसी में गड़बड़ी या स्टॉक हेरफेर का कोई मामला सामने नहीं आया.

पंचायतों और शहरी वार्डों में बनाए गए क्लस्टर कंट्रोल रूम

गैस वितरण प्रणाली को पारदर्शी बनाने और बिचौलियों पर लगाम लगाने के लिए जिला प्रशासन ने एक अनोखी व्यवस्था लागू की है:

  • ग्रामीण क्षेत्र: जिले की सभी ग्राम पंचायतों में विशेष कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं.
  • शहरी क्षेत्र: नगर परिषद और नगर पंचायत इलाकों में प्रत्येक तीन वार्डों को मिलाकर एक ‘क्लस्टर’ बनाया गया है, जहां से कंट्रोल रूम का संचालन हो रहा है.

इस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सिलेंडरों की डिलीवरी बिना किसी अतिरिक्त शुल्क या देरी के सीधे वास्तविक उपभोक्ताओं तक पहुंचे और जमाखोरी पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके.

जिले में 12 हजार से अधिक सिलेंडरों का पर्याप्त स्टॉक

जिला सूचना एवं जनसंपर्क कार्यालय से प्राप्त आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, अररिया जिले में वर्तमान में रसोई गैस की कोई किल्लत नहीं है. जिले के विभिन्न गोदामों में कुल 12,333 गैस सिलेंडरों का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है. नियम और वरीयता सूची के अनुसार सभी वैध उपभोक्ताओं को ससमय गैस आपूर्ति सुनिश्चित कराने की दिशा में आवश्यक पहल की जा रही है.

कंट्रोल रूम बेहद सक्रिय, 13 लंबित मामलों पर सख्त निर्देश

आपूर्ति और वितरण से जुड़ी उपभोक्ताओं की समस्याओं और शिकायतों के त्वरित निष्पादन के लिए जिला नियंत्रण कक्ष (डिस्ट्रिक्ट कंट्रोल रूम) चौबीसों घंटे सक्रिय भूमिका निभा रहा है.

  • शिकायतों का निपटारा: नियंत्रण कक्ष के माध्यम से अब तक उपभोक्ताओं द्वारा कुल 532 शिकायतें दर्ज कराई गई थीं, जिनमें से रिकॉर्ड 519 शिकायतों का सफलतापूर्वक समाधान कर लिया गया है.
  • वितरकों को अल्टीमेटम: वर्तमान में शेष बचीं महज 13 लंबित शिकायतों के त्वरित और ऑन-स्पॉट समाधान को लेकर संबंधित गैस एजेंसियों के प्रबंधकों को सख्त निर्देश जारी किए गए हैं. लापरवाही बरतने वाले वितरकों पर विभागीय कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है.

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Published by: Divyanshu Prashant

Divyanshu Prashant is a contributor at Prabhat Khabar.

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