अररिया जिले के फारबिसगंज थाना पुलिस ने नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल की है. थानाध्यक्ष मनोज कुमार और अपर थानाध्यक्ष सत्येंद्र कुमार गुप्ता के संयुक्त नेतृत्व में पुलिस टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर रामपुर दक्षिण पंचायत के एक घर से 251 बोतल प्रतिबंधित कफ सिरप बरामद किया है. पुलिस ने मामले में संलिप्त पिता-पुत्र के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है.
गुप्त सूचना पर पुलिस टीम ने मारा छापा
थानाध्यक्ष मनोज कुमार ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि रामपुर दक्षिण पंचायत के वार्ड संख्या 02 स्थित एक मकान से बड़े पैमाने पर प्रतिबंधित कफ सिरप की खरीद-बिक्री की जा रही है. सूचना को गंभीरता से लेते हुए अपर थानाध्यक्ष सत्येंद्र कुमार गुप्ता, सहायक निरीक्षक अमित राज, सुमन कुमारी, कलीम आलम और सुभाष प्रसाद सहित पुलिस बल की टीम गठित कर चिन्हित ठिकाने पर अचानक छापेमारी की गई.
घर के कमरे में बोरे से मिली 251 बोतलें
पुलिस टीम ने वार्ड संख्या 02 निवासी मो. आरिफ (पिता: स्व. उद्दीन) के आवासीय परिसर की गहन तलाशी ली. तलाशी के दौरान घर के अंदर एक कमरे में छिपाकर रखे गए बोरे से 251 बोतल प्रतिबंधित कफ सिरप बरामद किया गया. हालांकि, छापेमारी की भनक मिलते ही कारोबारी मौके से भागने में सफल रहा, जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीम लगातार संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है.
पिता और पुत्र मिलकर चलाते थे नशीली दवाओं का धंधा
थानाध्यक्ष ने बताया कि बरामदगी के बाद मामले की जांच में सामने आया कि मो. आरिफ और उसका पुत्र मो. तौसीफ दोनों मिलकर लंबे समय से इलाके में प्रतिबंधित कफ सिरप का अवैध धंधा चला रहे थे. मामले में स्थानीय फारबिसगंज थाने में मो. आरिफ और उसके पुत्र मो. तौसीफ के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है. पुलिस का कहना है कि दोनों आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा जाएगा.
