प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के क्रियान्वयन में हीलाहवाली और लेटलतीफी को लेकर अररिया के जिलाधिकारी विनोद दूहन ने कड़ा प्रशासनिक रुख अख्तियार किया है. कलेक्ट्रेट में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि बैंकों द्वारा लोन की राशि डिस्बर्स किए जाने के बावजूद दर्जनों लाभार्थियों के घरों की छतों पर अब तक सोलर पैनल नहीं लगाए गए हैं. वहीं दूसरी ओर कई आवेदनों की स्वीकृति के बाद भी बैंक स्तर पर राशि अटका कर रखी गई है. डीएम ने इस दोहरी लापरवाही पर सख्त नाराजगी जताते हुए संबंधित कार्यपालक अभियंताओं, बैंक शाखा प्रबंधकों और एजेंसियों को तय समय-सीमा के भीतर लंबित मामलों का शत-प्रतिशत निष्पादन करने का अल्टीमेटम दिया है.
69 घरों में लोन मिलने के बाद भी पैनल नहीं, 49 का फंसा डिस्बर्समेंट
समीक्षा बैठक में जब आंकड़ों की पड़ताल हुई, तो प्रशासनिक समन्वय की बड़ी खामियां उजागर हुईं:
- लोन डिस्बर्स, काम शून्य: 69 ऐसे आवेदक पाए गए जिनके बैंक ऋण की राशि काफी पहले जारी की जा चुकी है, लेकिन वेंडर/एजेंसियों ने उनके घरों पर सोलर पैनल स्थापित नहीं किए. डीएम ने विद्युत कार्यपालक अभियंता को निर्देश दिया कि इन सभी घरों में अविलंब अधिष्ठापन कार्य पूरा कराया जाए.
- स्वीकृति के बाद भी अटका भुगतान: 49 योग्य उपभोक्ताओं का ऋण स्वीकृत (Sanction) हो चुका है, लेकिन बैंक शाखाओं द्वारा राशि खातों में नहीं भेजी गई है. डीएम ने जूनियर इंजीनियरों और शाखा प्रबंधकों को दस्तावेजी त्रुटियां फौरन दूर कर राशि तुरंत डिस्बर्स करने का हुक्म दिया.
बैठक से गायब रहीं 5 चयनित एजेंसियां, कारण बताओ नोटिस जारी
सोलर रूफटॉप लगाने का ठेका पाने वाली 5 चयनित एजेंसियों के प्रतिनिधियों के बैठक में बिना सूचना अनुपस्थित रहने पर जिलाधिकारी ने कड़ा संज्ञान लिया. डीएम ने इन सभी पांचों एजेंसियों को 'कारण बताओ नोटिस' (Show Cause) जारी करने और उनके जिम्मे लंबित पड़े अधिष्ठापन कार्यों को डेडलाइन के भीतर पूरा कराने का आदेश दिया. लापरवाही बरतने पर एजेंसियों को ब्लैकलिस्ट करने की चेतावनी भी दी गई.
5 से अधिक पेंडिंग केस वाले बैंक प्रबंधकों को अगली बैठक में देना होगा जवाब
बैंकों की जवाबदेही तय करते हुए डीएम ने स्पष्ट गाइडलाइन जारी की है. जिन बैंक शाखाओं में पीएम सूर्यघर योजना से जुड़े 5 से अधिक आवेदन लंबित हैं, उनके शाखा प्रबंधकों को अगली बैठक में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर देरी का ठोस कारण बताना होगा. योजना में गति लाने के लिए अगली बैठक में सभी नगर परिषद व नगर पंचायतों के कार्यपालक पदाधिकारी तथा जीविका के जिला प्रबंधक की मौजूदगी अनिवार्य कर दी गई है, ताकि क्लस्टर स्तर पर समन्वय बन सके.
सोलर पैनल पर 98 हजार रुपये तक की भारी सब्सिडी
घरेलू उपभोक्ताओं के लिए योजना के तहत केंद्र व राज्य सरकार द्वारा दिए जा रहे अनुदान के स्लैब को सार्वजनिक करने पर भी जोर दिया गया:
| सोलर पैनल क्षमता | कुल देय सरकारी सब्सिडी | मुख्य उद्देश्य |
| 1 किलोवाट (1 kW) | ₹40,000 | छोटे घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बिजली बिल शून्य करना |
| 2 किलोवाट (2 kW) | ₹80,000 | मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए अनुकूल ऊर्जा |
| 3 किलोवाट या अधिक | ₹98,000 (अधिकतम) | बड़े आवासीय परिसरों में पूरी तरह सौर ऊर्जा का उपयोग |
दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा: 1013 पशुपालकों के KCC आवेदनों की होगी स्क्रीनिंग
समीक्षा बैठक में जिले के दुग्ध उत्पादकों और पशुपालकों की आजीविका को सशक्त बनाने पर भी बड़ा फैसला हुआ. बैंकों में लंबित पड़े 1013 किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) आवेदनों की तत्काल स्क्रीनिंग कर पात्र पशुपालकों को रियायती ऋण मुहैया कराने का निर्देश दिया गया. इसके साथ ही उद्योग विभाग की प्रधानमंत्री रोजगार सृजन व अन्य स्वरोजगार योजनाओं से जुड़े लंबित आवेदनों का शीघ्र निपटारा करने को कहा गया है.
