कुर्साकांटा. प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कुर्साकांटा में दशकों से ड्रेसर नहीं है. यह महज बानगी नहीं है यह प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कुर्साकांटा की सच्चाई है. बता दें कि पीएचसी में ड्रेसर नहीं रहने के कारण सड़क दुर्घटना, या फिर मारपीट में घायल समेत अन्य प्रकार के मरीजों का ड्रेसिंग पीएचसी में भगवान भरोसे ही होती रही है. यही वह कारण है जो सड़क दुर्घटना में घायल हो या फिर मारपीट में घायल व्यक्ति जब इस उम्मीद के साथ पीएचसी आते हैं कि इलाज होगा. लेकिन पीएचसी में किसी तरह प्राथमिक उपचार की कागजी खानापूर्ति करते ही रेफर की पर्ची भी तैयार हो जाती है. जिससे सबसे अधिक परेशानी उन गरीब परिवार के लोगों को होती है जिसके आपस रुपए की तंगी होती है. गौरतलब है कि पीएचसी में ड्रेसर की मांग दशकों से कि जाती रही है. लेकिन स्वास्थ्य विभाग है कि हर समस्या को दरकिनार करते हुए अपने तरीके से हो स्वास्थ्य महकमा को संचालित किया जाता है. स्थानीय दिलीप झा, योगी साह, प्रणव गुप्ता, पंसस देवेंद्र कुमार सिंह, पीडीएस दुकानदार प्रखंड अध्यक्ष धर्मनाथ सिंह, प्रकाश साह, सुरेंद्र वर्मा, दिलीप वर्मा, किशन साह, अभिषेक साह, रविशंकर बैठा, निशांत झा, गौरव कुमार सिंह समेत दर्जनों लोगों ने जिला पदाधिकारी से पीएचसी में अविलंब ड्रेसर पदस्थापित करने की मांग की है.
पीएचसी कुर्साकांटा में दशकों से ड्रेसर नहीं
घायल मरीजों को होती है परेशानी
