अररिया से मृगेंद्र मणि सिंह की रिपोर्ट
Nasha Mukt Bharat: बिहार के अररिया जिला मुख्यालय स्थित पर्यवेक्षण गृह में रह रहे किशोरों के जीवन को एक नई और सकारात्मक दिशा देने के लिए जिला प्रशासन और सामाजिक संस्थाओं के समन्वय से एक सराहनीय प्रयास किया गया है. जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड (किशोर न्याय परिषद) के प्रधान दंडाधिकारी प्रतीक सागर के नेतृत्व में ब्रह्माकुमारी सेवा केंद्र, अररिया आरएस द्वारा “नशा मुक्त भारत अभियान” के अंतर्गत एक विशेष मार्गदर्शन कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस दौरान बच्चों को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराते हुए आध्यात्मिक और मानसिक चेतना के जरिए व्यसन मुक्त जीवन जीने का संकल्प दिलाया गया, ताकि यहां से बाहर निकलने के बाद वे समाज के जिम्मेदार नागरिक बन सकें.
“आप अपने परिवार और समाज की आस हैं”: संचालिका उर्मिला बहन
- संस्थान का मुख्य उद्देश्य: कार्यक्रम को मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित करते हुए ब्रह्माकुमारीज की जिला संचालिका उर्मिला बहन ने कहा कि हमारी संस्था बच्चों को हर प्रकार के व्यसन से मुक्त कराकर उनके जीवन को सुधारने का निरंतर कार्य कर रही है.
- बच्चों को दिया संदेश: उन्होंने बच्चों को प्रेरित करते हुए कहा कि जब वे इस परिसर से बाहर समाज के बीच जाएं, तो अपनी पुरानी गलतियों को पीछे छोड़कर एक अनुशासित जीवन की शुरुआत करें, क्योंकि प्रत्येक बच्चा अपने परिवार और राष्ट्र का भविष्य होता है.
- पौधरोपण से पर्यावरण संरक्षण का पाठ: कार्यक्रम के दूसरे चरण में ब्रह्माकुमारीज की बहनों और पर्यवेक्षण गृह के अधिकारियों द्वारा परिसर के भीतर सामूहिक रूप से पौधरोपण किया गया. बच्चों को पौधों की देखरेख की जिम्मेदारी सौंपकर प्रकृति और पर्यावरण के प्रति संवेदनशील बनने का संदेश दिया गया.
बच्चों के सुधार के लिए लगातार आयोजित होंगे ऐसे कार्यक्रम: प्रधान दंडाधिकारी
बच्चों के प्रति जताया विशेष लगाव: इस संवेदनशील पहल पर जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के प्रधान दंडाधिकारी प्रतीक सागर ने पर्यवेक्षण गृह के बच्चों के प्रति अपनी प्रशासनिक और मानवीय प्रतिबद्धता दोहराई.
उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि उन्हें छोटे बच्चों से गहरा लगाव है और वे इन बच्चों के आचरण में सुधार व उनके उज्ज्वल भविष्य को संवारने के लिए इस तरह के सुधारात्मक और नैतिक शिक्षा से जुड़े कार्यक्रमों का आयोजन भविष्य में भी निरंतर कराते रहेंगे, ताकि जब भी ये किशोर यहां से मुक्त हों, तो एक सुंदर और अपराध मुक्त समाज के निर्माण में अपना योगदान दे सकें.
| कार्यक्रम का मुख्य स्थल | अभियान का नाम व थीम | मुख्य नेतृत्व व मार्गदर्शक | उपस्थित मुख्य सहयोगी व गणमान्य |
| पर्यवेक्षण गृह (Observation Home), अररिया | “नशा मुक्त भारत अभियान” (व्यसन मुक्ति एवं चरित्र निर्माण) | * प्रतीक सागर (प्रधान दंडाधिकारी, JJB) * उर्मिला बहन (जिला संचालिका, ब्रह्माकुमारीज) | प्रीति कुमारी, निशा कुमारी, सुमित ठाकुर, दया बहन, संजय भाई, रीना बहन और चंदा बहन. |
परिसर में दिखा सकारात्मक माहौल:
इस विशेष सत्र के दौरान पर्यवेक्षण गृह में रह रहे बच्चों ने भी ब्रह्माकुमारीज की बहनों की बातों को ध्यानपूर्वक सुना और जीवन में दोबारा कभी किसी प्रकार का नशा न करने तथा रचनात्मक कार्यों से जुड़ने की इच्छा जताई. कार्यक्रम की समाप्ति पर संस्था की ओर से उपस्थित सभी बच्चों के बीच सकारात्मक साहित्य का वितरण भी किया गया. इस अवसर पर विभाग के कई स्थानीय कर्मी और सेवा केंद्र के स्वयंसेवक मुख्य रूप से उपस्थित रहे.
