Araria Flood Alert: नेपाल के तराई क्षेत्रों में हुई मूसलधार बारिश का असर अब अररिया जिले में दिखने लगा है. सिकटी प्रखंड की प्रमुख नूना नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने से निचले इलाकों में जलभराव शुरू हो गया है. हजारों एकड़ में लगी धान की फसल डूबने लगी है, जबकि कई गांवों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है. ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल राहत एवं बचाव व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है.
इंट्रो:
सिकटी (अररिया). नेपाल के तराई क्षेत्रों में सोमवार दोपहर बाद हुई भारी बारिश के कारण नूना नदी उफान पर है. मंगलवार सुबह से नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने के साथ निचले इलाकों में पानी फैलना शुरू हो गया. बाढ़ जैसे हालात बनने से किसानों और ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है.
धान की फसल जलमग्न, किसानों की बढ़ी चिंता
नदी का जलस्तर बढ़ने से हजारों एकड़ में लगी धान की फसल पानी में डूबने लगी है. किसानों का कहना है कि यदि जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो फसल को भारी नुकसान होगा और आर्थिक संकट गहरा सकता है.
कई गांवों में शुरू हुआ जलभराव
सिकटी सीमा से सटे पलासी प्रखंड के छपनिया, पिपरा, बिजवार और बच्चाखाड़ी गांव सबसे अधिक प्रभावित बताए जा रहे हैं. इन गांवों में बाढ़ का पानी धीरे-धीरे फैलने लगा है, जिससे कई घरों के आंगन तक पानी पहुंच गया है. आवागमन भी प्रभावित होने लगा है.
बच्चाखाड़ी टोला का संपर्क टूटने का खतरा
ग्रामीणों के अनुसार बच्चाखाड़ी टोला की स्थिति सबसे अधिक गंभीर है. श्रमदान से बनाई गई बांस की चचरी तेज बहाव के कारण टूटने की कगार पर पहुंच गई है. ग्रामीणों का कहना है कि चचरी टूटने पर पूरे टोले का संपर्क अन्य क्षेत्रों से कट जाएगा और गांव टापू में तब्दील हो जाएगा.
ग्रामीणों ने प्रशासन से लगायी गुहार
Araria Flood Alert: सामाजिक कार्यकर्ता असफाक आलम, कस्तूर अली, राम, मो. खलील, मो. जमाल, मंगलू राम, सहदेव राम सहित अन्य ग्रामीणों ने प्रशासन से चचरी की सुरक्षा, राहत एवं बचाव कार्य शुरू करने तथा प्रभावित क्षेत्रों पर लगातार निगरानी रखने की मांग की है.
