भारत-नेपाल सीमा पर स्थित अररिया जिले के जोगबनी रेलवे स्टेशन पर शनिवार को भक्ति और सेवा का अनोखा नजारा देखने को मिला. नेपाल के रानी (विराटनगर) से पहुंची 'शिव शिष्य परिवार' की टीम ने सुल्तानगंज व देवघर जाने वाले कांवड़िया श्रद्धालुओं की सेवा की. इस पहल की स्थानीय लोगों और रेल यात्रियों ने जमकर सराहना की.
कांवड़ियों के बीच बांटे फल, पानी और बिस्कुट
श्रावणी मेले और सावन की पावन अवधि में जोगबनी स्टेशन से बड़ी संख्या में शिवभक्त कांवड़िया विभिन्न धार्मिक स्थलों के लिए रवाना होते हैं. इसी क्रम में नेपाल से आए महिला व पुरुष शिव शिष्यों ने प्लेटफार्म पर पहुंचकर श्रद्धालुओं की नि:स्वार्थ सेवा की:
- वितरण: शिव शिष्यों द्वारा कांवड़ियों के बीच पीने का स्वच्छ जल, बिस्कुट और ताजे केले बांटे गए.
- भक्तिमय माहौल: सेवा कार्य के दौरान पूरा स्टेशन परिसर "हर-हर महादेव" और शिव की भक्ति के नारों से गुंजायमान रहा.
"आओ चलें शिव की ओर" का दिया संदेश
सेवा दल का नेतृत्व कर रहे ओम प्रकाश साह ने बताया कि शिव शिष्य परिवार का मुख्य उद्देश्य जन-सेवा के माध्यम से लोगों को अध्यात्म से जोड़ना है.
"सेवा ही शिव पूजा है. इस माध्यम से हमारा यही संदेश है - आओ चलें शिव की ओर." — ओम प्रकाश साह, संयोजक
सेवा कार्य में कई लोग रहे शामिल
इस सामाजिक व धार्मिक आयोजन में नेपाल से आए दर्जनों शिव शिष्यों ने बढ़-चढ़कर योगदान दिया. मुख्य रूप से रेणु कोइराला, बॉबी सहनी, बिमला पोद्दार, अशोक चौधरी सहित भारी संख्या में महिला व पुरुष शिव शिष्य शामिल थे.
कांवड़िया श्रद्धालुओं ने नेपाल से आए इस दल के प्रति आभार व्यक्त किया और इसे भारत-नेपाल के बीच सांस्कृतिक व सामाजिक सद्भाव का अनुपम उदाहरण बताया.
