नेपाल के रसुवा जिले से होकर बहने वाली भोटेकोशी नदी में आई विनाशकारी बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है. पानी के प्रचंड बहाव ने पूरे इलाके को तहस-नहस कर दिया है, जिससे मौतों का आंकड़ा लगातार डराने लगा है. अररिया के सीमावर्ती जोगबनी से मिल रही रिपोर्ट के अनुसार, नेपाल पुलिस द्वारा शनिवार को जारी ताजा आंकड़ों ने इस त्रासदी की भयावहता को उजागर किया है. प्रभावित इलाकों से अब तक 1,344 लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि हजारों की संख्या में लोग अब भी अपनों की तलाश में दर-दर भटक रहे हैं. प्रशासन और बचाव दल दिन-रात एक कर लोगों की जान बचाने में जुटे हुए हैं.
रसुवा में कुदरत का भीषण कहर, 4858 लोगों की तलाश जारी
भोटेकोशी नदी का रौद्र रूप इस कदर हावी हुआ कि देखते ही देखते कई बस्तियां और घर पानी में विलीन हो गए. नेपाल पुलिस के आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, 1,344 शव निकाले जाने के बाद भी स्थिति बेहद गंभीर बनी हुई है. वर्तमान में 4,858 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं. इन लापता लोगों को मलबे और गाद के बीच तलाशने का काम बेहद चुनौतीपूर्ण बना हुआ है. प्रशासन का अनुमान है कि मौत का यह आंकड़ा और भी बढ़ सकता है.
रेस्क्यू में जुटे हजारों पुलिसकर्मी, 8631 घायलों को बचाया
त्रासदी के इस विकट समय में राहत और बचाव कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है. नेपाल सरकार ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में 7,912 पुलिस कर्मियों की भारी-भरकम फौज तैनात की है. इन जवानों के अथक प्रयासों से अब तक 8,631 घायल और फंसे हुए लोगों को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया है. बचाए गए लोगों को तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा रही है और उन्हें सुरक्षित शिविरों में शिफ्ट किया गया है.
खराब मौसम और तेज बहाव से बचाव कार्य में आ रही बाधा
प्रशासन के अनुसार बरामद किए गए शवों में से अब तक 1,030 लोगों का अंतिम संस्कार किया जा चुका है. हालांकि, रेस्क्यू टीमों को राहत कार्यों में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. लगातार खराब हो रहे मौसम, रुक-रुक कर हो रही बारिश और नदी के उफनते तेज बहाव के कारण बचाव दल प्रभावित इलाकों के अंतिम छोर तक नहीं पहुंच पा रहे हैं. इसके बावजूद, गोताखोरों और आपदा प्रबंधन की टीमों का हौसला डिगा नहीं है और वे लगातार लोगों की जिंदगी बचाने के अभियान में डटे हुए हैं.
