जोगबनी (अररिया) से सुदीप भारती की रिपोर्ट
Nepal Attack Indian: पड़ोसी देश नेपाल में भारतीय पर्यटकों और विशेषकर धार्मिक श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर बहुत बड़ा सवालिया निशान खड़ा हो गया है. बिहार की राजधानी पटना से अपने पूरे परिवार और मासूम बच्चों के साथ विश्व प्रसिद्ध पशुपतिनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना करने गए भारतीय श्रद्धालुओं पर नेपाल के मुगलिंग क्षेत्र में स्थानीय दबंगों द्वारा बर्बरतापूर्वक हमला, मारपीट और लूटपाट का प्रयास करने का बेहद शर्मनाक मामला प्रकाश में आया है. इस पूरी खौफनाक वारदात का वीडियो पीड़ितों ने अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया था, जो अब इंटरनेट और सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. इस घटना के बाद सीमावर्ती इलाकों के नागरिकों और भारत-नेपाल सामाजिक सांस्कृतिक मंच ने गहरी नाराजगी जताते हुए नेपाल सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है.
नेपाली नंबर की गाड़ी से आए हमलावर, बच्चों के सामने की गुंडागर्दी
पीड़ित भारतीय परिवार ने अपनी आपबीती सुनाते हुए बताया कि वे लोग अपनी गाड़ी से काठमांडू की ओर बढ़ रहे थे, तभी मुगलिंग के समीप:
- पीछे से मारी टक्कर: एक नेपाली नंबर प्लेट की गाड़ी (BA 19 CHA 1287) ने उनकी कार को पीछे से जानबूझकर जोरदार टक्कर मार दी.
- गाड़ी रोककर की मारपीट: जैसे ही पीड़ितों ने गाड़ी रोकी, उस नेपाली वाहन से कई उग्र युवक लाठी-डंडे लेकर उतरे और भारतीय नंबर प्लेट की गाड़ी देखते ही गाली-गलौज शुरू कर दी.
- लूटपाट की कोशिश: आरोपियों ने गाड़ी में बैठी महिलाओं और छोटे बच्चों के सामने ही पुरुषों को खींचकर पीटना शुरू कर दिया और उनके सोने के जेवर व नकदी छीनने (लूटपाट) का प्रयास किया. सूझबूझ दिखाते हुए पीड़ितों ने हमलावरों की गाड़ी का नंबर और उनकी लाइव गुंडागर्दी का वीडियो अपने फोन में कैद कर लिया.
“रोटी-बेटी के रिश्ते पर पहुंच रही ठेस” — मंच के अध्यक्ष राजेश शर्मा
सांस्कृतिक मंच का कड़ा रुख: भारत-नेपाल सामाजिक सांस्कृतिक मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेश शर्मा ने इस घटना की पुरजोर शब्दों में निंदा की है. उन्होंने कहा कि भारत और नेपाल सदियों से ‘रोटी-बेटी’ और अटूट सांस्कृतिक-धार्मिक संबंधों के पवित्र रिश्ते में बंधे हुए हैं. पशुपतिनाथ जैसे पावन स्थल पर पूरी आस्था के साथ आने वाले मेहमानों (श्रद्धालुओं) के साथ इस तरह की हिंसक और अमानवीय हरकत दोनों देशों की ऐतिहासिक मित्रता की पीठ में छुरा घोंपने जैसी है. इससे नेपाल की वैश्विक छवि को अपूरणीय क्षति पहुंच रही है.
राजेश शर्मा ने बताया कि उन्होंने मामले की गंभीरता को देखते हुए सीधे नेपाल पुलिस के महानिरीक्षक (IGP) दान बहादुर कार्की से संपर्क साधा है और उन्हें वायरल वीडियो सहित दोषी वाहन का नंबर सौंप दिया है. उन्होंने याद दिलाया कि पूर्व में भी बिराटनगर में आईजीपी कार्की के साथ हुई उच्च स्तरीय बैठक में उन्होंने भारतीय पर्यटकों के साथ होने वाले दुर्व्यवहार और पुलिसिया भेदभाव का मुद्दा प्रमुखता से उठाया था.
नेपाल पुलिस आईजीपी दान बहादुर कार्की ने दिए त्वरित कार्रवाई के निर्देश
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मामला तूल पकड़ते ही नेपाल का गृह मंत्रालय और पुलिस महकमा पूरी तरह बैकफुट पर आ गया है.
नेपाल पुलिस का आधिकारिक बयान:
आईजीपी दान बहादुर कार्की ने बताया: “भारतीय श्रद्धालुओं के साथ मुगलिंग क्षेत्र में हुई अभद्रता का वायरल वीडियो हमारे संज्ञान में आया है. नेपाल पुलिस किसी भी विदेशी सैलानी या श्रद्धालु के साथ ऐसी गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं करेगी. मैंने संबंधित जिले के पुलिस अधीक्षक (SP) को इस मामले में तत्काल एफआईआर दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार करने और 24 घंटे के भीतर विस्तृत जांच रिपोर्ट सौंपने का कड़ा निर्देश जारी किया है. दोषी वाहन और उसके मालिकों पर सख्त कानूनी शिकंजा कसा जाएगा.”
नेपाल की रीढ़ ‘पर्यटन’ पर मंडराया बड़ा खतरा, ‘अतिथि देवो भवः’ की रिवायत संकट में
उल्लेखनीय है कि हर साल भारत के विभिन्न राज्यों से लाखों की संख्या में श्रद्धालु पशुपतिनाथ, मुक्तिनाथ, जनकपुरधाम और लुंबिनी जैसे पवित्र वैश्विक धार्मिक स्थलों के दर्शन के लिए नेपाल का रुख करते हैं. पर्यटन (Tourism) नेपाल की कमजोर अर्थव्यवस्था की मुख्य रीढ़ माना जाता है, जिससे वहां के लाखों स्थानीय लोगों का रोजगार चलता है.
प्रबुद्ध बुद्धिजीवियों का मानना है कि यदि समय रहते ऐसी सुनियोजित हिंसक घटनाओं पर नेपाल प्रशासन ने पूर्ण विराम नहीं लगाया, तो भारतीय पर्यटकों में असुरक्षा की भावना घर कर जाएगी और वे नेपाल आने से कतराने लगेंगे. फिलहाल, वाहन संख्या BA 19 CHA 1287 के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है और दोनों देशों के नागरिकों की निगाहें अब नेपाल पुलिस की जमीनी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं.
