अररिया से राहुल सिंह की रिपोर्ट
Nagar Parishad: उत्तर बिहार और सीमांचल के इलाकों में इस समय प्रकृति का सबसे रौद्र रूप देखने को मिल रहा है. अररिया जिले में पिछले कुछ दिनों से जारी भीषण लू (Heatwave) और चिलचिलाती धूप ने आम जनजीवन को पूरी तरह बेपटरी कर दिया है. पारा रिकॉर्ड 42 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच जाने से दोपहर के समय सड़कों पर मानों अघोषित कर्फ्यू जैसे हालात बन गए हैं. इस तपती धूप में सड़कों पर निकलने वाले यात्रियों, रिक्शा चालकों और दिहाड़ी मजदूरों को सबसे ज्यादा पेयजल के संकट से जूझना पड़ रहा था. इस विकट स्थिति को भांपते हुए नगर परिषद अररिया ने एक अत्यंत सराहनीय और मानवीय पहल की है. प्रशासन द्वारा त्वरित कदम उठाते हुए पूरे शहर के मुख्य चौक-चौराहों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में ‘निःशुल्क शुद्ध पेयजल स्टॉल’ (Free Drinking Water Stalls) की शुरुआत की गई है, जिससे राहगीरों को इस जानलेवा गर्मी में बहुत बड़ी राहत मिल रही है.
मटका और जार के जरिए ठंडे पानी का इंतजाम, रेलवे स्टेशन पर भी राहत
नगर परिषद की इस त्वरित जन-कल्याणकारी योजना और धरातल पर की गई व्यवस्थाओं को निम्नलिखित मुख्य बिंदुओं के माध्यम से समझा जा सकता है:
- प्रमुख चिन्हित स्थल: नगर परिषद द्वारा शहर के उन तमाम मुख्य व्यावसायिक और व्यस्ततम डेंजर पॉइंट्स को चिन्हित किया गया है जहां ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले लोगों का सबसे ज्यादा ठहराव होता है. इसके तहत बस स्टैंड, मुख्य बाजार, सदर अस्पताल रोड के साथ-साथ विशेष रूप से अररिया आरएस (RS) रेलवे स्टेशन परिसर में यह काउंटर चालू किया गया है ताकि ट्रेनों से उतरने वाले मुसाफिरों को तुरंत ठंडा पानी नसीब हो सके.
- पारंपरिक और आधुनिक व्यवस्था का घालमेल: स्टॉलों को धूप से बचाने के लिए बकायदा अस्थाई मचान (शेड) बनाए गए हैं. पानी को प्राकृतिक रूप से शीतल रखने के लिए बड़े-बड़े मटको (घड़ों) और स्वच्छ पानी के जार की व्यवस्था की गई है, ताकि चिलचिलाती धूप के बीच भी लोगों को पूरी तरह स्वच्छ और शीतल जल मिल सके.
15 दिनों तक लगातार चलेगी व्यवस्था, तैनात रहेंगे विभागीय कर्मचारी
कार्यपालक पदाधिकारी का बयान: इस विशेष राहत अभियान के संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए नगर परिषद अररिया के कार्यपालक पदाधिकारी (Executive Officer) चंद्र प्रकाश राज ने बताया, “जून महीने की इस अप्रत्याशित तपन और आम लोगों की असुविधा को देखते हुए यह व्यवस्था फिलहाल अगले 15 दिनों तक बिना किसी रुकावट के लगातार जारी रहेगी. पेयजल स्टॉलों की मॉनिटरिंग और सुचारू संचालन के लिए प्रत्येक काउंटर पर विशेष सफाई कर्मियों और कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है. इनका मुख्य काम समय पर मटकों में पानी रिफिल करना, बर्फ या ठंडे जार की उपलब्धता सुनिश्चित करना और स्टॉल के आसपास पूरी तरह से हाइजीन व साफ-सफाई बनाए रखना है.”
राहगीरों के लिए वरदान साबित हो रही पहल; प्रशासन ने जारी की एडवायजरी
नगर परिषद अररिया की इस तत्परता की स्थानीय बुद्धिजीवियों, फुटपाथी दुकानदारों और दूर-दराज से आने वाले मुसाफिरों ने खुले दिल से प्रशंसा की है. राहगीरों का कहना है कि जहां बाजार में पानी की एक बोतल के लिए 20 रुपये खर्च करने पड़ते हैं, वहीं इस भीषण संकट में मुख्य चौराहों पर मटके का शीतल जल मिलना किसी ईश्वरीय वरदान से कम नहीं है.
पेयजल स्टॉल की शुरुआत के साथ ही नगर परिषद प्रशासन ने अररिया वासियों के लिए एक स्वास्थ्य एडवायजरी (Health Advisory) भी जारी की है. कार्यपालक पदाधिकारी ने आम जनता से भावुक अपील की है कि जब तक बेहद जरूरी या कोई आपातकालीन कार्य न हो, तब तक दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच सीधे धूप में निकलने से बचें. घर से बाहर निकलते समय सिर को सूती कपड़े या छाते से ढकें और लू की चपेट में आने से बचने के लिए लगातार पर्याप्त मात्रा में पानी, नींबू पानी या ओआरएस (ORS) घोल का सेवन करते रहें. नगर परिषद की इस मुस्तैदी ने निश्चित रूप से भीषण तपन के बीच अररिया की जनता को एक बड़ा सुरक्षा कवच प्रदान किया है.
