जोगबनी की बेटी कोमल साह ने BPSC पास कर रचा इतिहास: 217वीं रैंक के साथ बनीं राजस्व पदाधिकारी

Komal Sah Crack BPSC: भारत-नेपाल सीमा पर स्थित अररिया जिले के जोगबनी नगर परिषद की बेटी कोमल साह ने 70वीं बीपीएससी (BPSC) परीक्षा में अपनी मेधा का परचम लहराया है. एक साधारण किसान परिवार से आने वाली कोमल ने लगातार 5 असफलताओं के बाद अपने छठे प्रयास में राज्य भर में 217वीं रैंक हासिल कर 'राजस्व पदाधिकारी' (RO) का पद हासिल किया है.

जोगबनी (अररिया) से सुदीप भारती की रिपोर्ट

Komal Sah Crack BPSC: बिहार के सीमांचल क्षेत्र अंतर्गत अररिया जिले के भारत-नेपाल सीमावर्ती शहर जोगबनी से नारी शक्ति और कड़े संघर्ष की एक बेहद सुखद और गौरवमयी खबर सामने आई है. जोगबनी नगर परिषद के वार्ड संख्या-16, साहू टोला की रहने वाली होनहार बेटी कोमल साह ने बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की 70वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा में ऐतिहासिक सफलता हासिल की है. कोमल का चयन बिहार प्रशासनिक सेवा के अंतर्गत ‘राजस्व पदाधिकारी’ (Revenue Officer) के पद पर हुआ है. इस बड़ी कामयाबी से पूरे जोगबनी व्यापारिक नगर सहित अररिया जिले में जश्न का माहौल है.

राज्य स्तर पर मिली 217वीं रैंक, छठे प्रयास में खुला सफलता का द्वार

कोमल की इस शानदार सांगठनिक सफलता और उनके पद से जुड़े मुख्य आंकड़े इस प्रकार हैं. शनिवार को घोषित हुए अंतिम परीक्षा परिणाम के अनुसार, कोमल साह ने समूचे बिहार में 217वीं रैंक (Rank 217) अर्जित कर अपनी मेधा को साबित किया है.

यह मुकाम उनके लिए आसान नहीं था; वे इससे पहले लगातार पांच बार इस परीक्षा के विभिन्न चरणों में असफल हो चुकी थीं. लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और अपनी कमियों को सुधारते हुए छठे प्रयास (6th Attempt) में यह बड़ी रैंक हासिल कर राजपत्रित अधिकारी का पद अपने नाम कर लिया.

किसान पिता और गृहिणी मां की लाडली ने किया कमाल

कोमल की पारिवारिक पृष्ठभूमि और संघर्षों की कड़ियां सीमांचल के हर आम परिवार से जुड़ी हुई हैं. उनके पिता मिथिलेश साह एक साधारण किसान हैं, जो खेती-किसानी के जरिए परिवार की आजीविका चलाते हैं, जबकि उनकी माता कृष्णा देवी एक कुशल गृहिणी हैं.

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एक साधारण किसान के घर में सीमित संसाधनों के बीच रहकर इतनी बड़ी और कठिन परीक्षा को पास करना कोमल के अद्वितीय धैर्य, अनुशासन और अटूट संकल्प को दर्शाता है. जैसे ही इंटरनेट पर रिजल्ट की पीडीएफ (PDF) में कोमल का नाम दिखा, वैसे ही साहू टोला स्थित उनके पैतृक निवास पर स्थानीय लोगों और शुभचिंतकों का भारी तांता लग गया.

“बेटी ने साबित कर दिया कि वे बेटों से कम नहीं”

“अपनी लाडली की इस ऐतिहासिक सफलता पर खुशी से आंसू रोक न पाते हुए कोमल के माता-पिता ने कहा कि आज हमारा जीवन धन्य हो गया. कोमल ने समाज के सामने यह साबित कर दिया है कि अगर माता-पिता अपनी बेटियों पर भरोसा करें और उनका साथ दें, तो वे आकाश की बुलंदियों को छू सकती हैं. बेटियां आज के दौर में बेटों से किसी भी मायने में कम नहीं हैं.”

Komal Sah Crack BPSC: सीमावर्ती क्षेत्र की बेटियों के लिए बनीं रोल मॉडल

जोगबनी और इसके आसपास के सुदूर ग्रामीण इलाकों के प्रबुद्ध नागरिकों का मानना है कि कोमल की यह बड़ी सफलता भारत-नेपाल सीमा पर स्थित इस पिछड़े क्षेत्र की हजारों अन्य लड़कियों के लिए एक नई रोशनी और प्रेरणा की मिसाल बनेगी.

कोमल की इस गौरवमयी उपलब्धि पर जोगबनी नगर परिषद के मुख्य पार्षद प्रतिनिधि रोहित यादव, भाजपा के वरिष्ठ नेता कन्हैया साह, पूर्व मुख्य पार्षद प्रतिनिधि राजू राय, प्रबुद्ध बैंककर्मी जीवन साह के अलावा विभिन्न सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने कोमल के घर पहुंचकर उन्हें बुके और मिठाई भेंट कर बधाई दी. सभी ने कहा कि उनकी कर्तव्यनिष्ठा से भविष्य में अररिया जिला और पूरा बिहार गौरवान्वित होगा.

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लेखक के बारे में

Published by: Divyanshu Prashant

दिव्यांशु प्रशांत वर्तमान में Prabhat Khabar डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। उन्होंने महात्मा गाँधी अंतर्राष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा से पत्रकारिता में परास्नातक तथा टी. एन. बी. कॉलेज भागलपुर से हिंदी साहित्य में स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। हिंदी साहित्य की पृष्ठभूमि होने के कारण उन्हें पढ़ने, लेखन और कविता-सृजन में विशेष रुचि है। मीडिया क्षेत्र में लगभग एक वर्ष के अनुभव के दौरान वे Dainik Jagran में न्यूज़ राइटर और रिपोर्टर के रूप में कार्य कर चुके हैं। करियर के शुरुआती दौर में लोकसभा और विधानसभा चुनावों से जुड़े पॉलिटिकल कंटेंट राइटिंग का विशेष अनुभव प्राप्त किया। सटीक, निष्पक्ष और प्रभावशाली लेखन के माध्यम से पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुँचाना उनकी पेशेवर पहचान है।

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