अररिया जिले के भारत-नेपाल सीमावर्ती शहर जोगबनी में सोमवार को भक्ति एवं आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिला. श्री श्याम परिवार ट्रस्ट के सहयोग से मुन्ना अग्रवाल एवं उनके परिवार द्वारा भव्य 'सूरजगढ़ निशान यात्रा' का आयोजन किया गया. इस यात्रा में सैकड़ों की संख्या में श्याम भक्तों ने भाग लिया और ढोल-नगाड़ों की थाप पर नाचते-गाते बाबा श्याम का निशान लेकर नगर भ्रमण किया.
'श्याम सरोवर' से शुरू होकर श्याम मंदिर पहुंची यात्रा
यह पवित्र निशान यात्रा परम आदरणीय श्याम भक्त श्री हजारीमल जी के पावन सानिध्य और श्री श्याम परिवार ट्रस्ट के अध्यक्ष गोविंद जी सिंघानिया के कुशल मार्गदर्शन में निकाली गई.
यात्रा का शुभारंभ मुन्ना अग्रवाल के निवास स्थान 'श्याम सरोवर' से हुआ. इसके बाद मुख्य मार्ग से होते हुए भक्तों का जत्था पूरे नगर की परिक्रमा करते हुए श्री श्याम मंदिर, जोगबनी पहुंचा, जहां बाबा को सूरजगढ़ का पवित्र निशान अर्पित कर यात्रा का समापन किया गया.
सूरजगढ़ निशान की महिमा अपरंपार: राजकुमार विहानी
श्याम परिवार ट्रस्ट के सचिव राजकुमार विहानी ने सूरजगढ़ निशान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया:
"सूरजगढ़ निशान की महिमा अपरंपार है. राजस्थान स्थित विश्व प्रसिद्ध खाटू धाम में बाबा श्याम के मुख्य मंदिर के शिखर पर भी सूरजगढ़ का ही निशान फहराया जाता है. यह जोगबनी के लिए अत्यंत हर्ष और सौभाग्य की बात है कि अब वर्ष में दो बार जोगबनी श्याम मंदिर में बाबा को सूरजगढ़ का निशान अर्पण किया जाता है."
उन्होंने इस सफल और भव्य आयोजन के लिए श्याम परिवार के सभी सदस्यों तथा समस्त जोगबनी नगरवासियों का दिल से आभार व्यक्त किया.
आयोजन को सफल बनाने में रही इनकी सराहनीय भूमिका
कार्यक्रम को भव्य रूप देने में शहर के अनेक गणमान्य पुरुषों व महिलाओं ने सक्रिय योगदान दिया:
- पुरुष श्रद्धालु: विवेक अग्रवाल, पंकज अग्रवाल, दीपक अग्रवाल, शंकर अग्रवाल, रवि खंडेलवाल, नीरज भगत, संजय बांठिया, नीरज गुप्ता, बजरंग बंसल, विकास गोयल, किशन केडिया, राजेश केडिया, किशन अग्रवाल, राजनंदन यादव आदि.
- महिला श्रद्धालु: मीनू अग्रवाल, खुशबू अग्रवाल, ज्योति अग्रवाल, रंजिता केडिया, गरिमा सिंह, दिव्यांशी सिंह आदि.
