अररिया जिले के फारबिसगंज नगर परिषद की कार्यशैली को लेकर शहरवासियों में भारी असंतोष व्याप्त है. 25 वार्डों वाले इस नगर परिषद क्षेत्र में साफ-सफाई की व्यवस्था केवल कुछ चुनिंदा मुख्य सड़कों तक ही सिमट कर रह गई है. वार्ड संख्या 19, 20 सहित शहर के विभिन्न हिस्सों में जलजमाव, गंदगी और बजबजाते नालों के कारण लोगों का जीना मुहाल हो गया है.
ली अकादमी रोड पर कचरा और अंधेरे का साम्राज्य
शहर की सबसे व्यस्ततम सड़कों में शामिल ली अकादमी हाई स्कूल रोड की स्थिति बेहद नारकीय बनी हुई है:
- सड़क पर पड़ा नाले का कचरा: नाले की सफाई के दौरान निकाला गया गंदा कचरा सड़क के किनारे ही छोड़ दिया जाता है, जिससे बदबू और बीमारियों का खतरा बढ़ गया है.
- झाड़-झंखाड़ और बंद स्ट्रीट लाइटें: सड़क के दोनों ओर उगे झाड़-झंखाड़ों के कारण शाम होते ही मच्छरों का प्रकोप बढ़ जाता है. पर्याप्त स्ट्रीट लाइट न होने से ली अकादमी स्कूल आने-जाने वाली छात्र-छात्राओं को अंधेरे में आवगमन करना पड़ता है.
इन मोहल्लों में फैली गंदगी, बढ़ा डेंगू का खतरा
शहर के कई प्रमुख मोहल्लों और सार्वजनिक स्थलों के पास सफाई व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त है:
- प्रभावित इलाके: छुआ पट्टी, गोडिहाड़ी रोड, प्रोफेसर कॉलोनी, बंगाली टोला, दरभंगिया टोला और कादरी टोला में जगह-जगह कचरे के पहाड़ लगे हैं.
- सार्वजनिक स्थानों पर उपेक्षा: पंचमुखी हनुमान मंदिर और लायंस नेत्रालय जैसे भीड़भाड़ वाले स्थानों के पास भी नालियां जाम हैं. नाले का गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है, जिससे मक्खी-मच्छर पनप रहे हैं और डेंगू महामारी फैलने का अंदेशा बढ़ गया है.
- बढ़ता अतिक्रमण: स्थानीय लोगों का आरोप है कि नगर परिषद अधिकारियों की अनदेखी के चलते ली अकादमी रोड और मीडिया स्कूल रोड पर अतिक्रमण बढ़ रहा है, जिससे सड़कें संकरी हो रही हैं और जाम की समस्या पैदा हो रही है.
क्या बोलीं मुख्य पार्षद?
स्थानीय निवासियों द्वारा बार-बार शिकायत किए जाने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने पर लोगों में आक्रोश है. इस संबंध में पूछे जाने पर फारबिसगंज नगर परिषद की मुख्य पार्षद वीणा देवी ने कहा:
मुख्य पार्षद का बयान: "मामले की त्वरित जांच कराई जाएगी. शहर की साफ-सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने और जलजमाव व कचरा उठाव पर विशेष ध्यान देने के लिए संबंधित कर्मियों को कड़े निर्देश दिए जा रहे हैं."
