फारबिसगंज के वरिष्ठ समाजसेवी सह पूर्व वार्ड पार्षद हाजी असगर अली का निधन, शहर में शोक की लहर, विधायक और मुख्य पार्षद ने जताया दुख

Haji Asgar Ali: फारबिसगंज नगर परिषद के इतिहास और सामाजिक सरोकार से जुड़े एक युग का अंत हो गया है. वर्ष 1995 में सरकार द्वारा मनोनीत पूर्व वार्ड पार्षद और प्रख्यात समाजसेवी हाजी असगर अली का 85 वर्ष की आयु में निधन हो गया, जिसके बाद उनके अंतिम दर्शन के लिए दरभंगिया टोला स्थित आवास पर शुभचिंतकों का तांता लग गया.

अररिया के फारबिसगंज से मो. कलीम उद्दीन की रिपोर्ट

Haji Asgar Ali: अररिया जिले के फारबिसगंज शहर के जाने-माने वरिष्ठ समाजसेवी, मिलनसार व्यक्तित्व के धनी और पूर्व मनोनीत वार्ड पार्षद हाजी असगर अली साहब अब हमारे बीच नहीं रहे. 85 वर्षीय हाजी असगर अली साहब पिछले कुछ समय से उम्र से संबंधित बीमारियों से पीड़ित थे और उनका इलाज चल रहा था. शुक्रवार को उन्होंने अपने पैतृक आवास पर अंतिम सांस ली. उनके निधन की खबर जंगल की आग की तरह पूरे फारबिसगंज शहर और राजनीतिक गलियारों में फैल गई, जिससे स्थानीय लोगों में गहरी शोक की लहर दौड़ गई है. वे अपने पीछे तीन पुत्र, तीन पुत्रियां और नाती-पोतों से भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं.

वर्ष 1995 में बने थे मनोनीत पार्षद, दरभंगिया टोला आवास पर उमड़ी भीड़

हाजी असगर अली साहब का फारबिसगंज के विकास और सामाजिक ताने-बाने को मजबूत करने में एक ऐतिहासिक योगदान रहा है:

  • ऐतिहासिक पृष्ठभूमि: वर्तमान में शहर के दरभंगिया टोला (वार्ड संख्या 12) निवासी हाजी असगर अली साहब अविभाजित बिहार के समय, वर्ष 1995 में सरकार द्वारा तत्कालीन वार्ड संख्या 09 के मनोनीत वार्ड पार्षद बनाए गए थे. उस दौर में उन्होंने नगर परिषद के भीतर जनहित के मुद्दों को कड़ाई से उठाया था.
  • पार्थिव शरीर के दर्शन: अपने बेहद मिलनसार, मृदुभाषी स्वभाव और हर वर्ग के सुख-दुख में अग्रणी भूमिका निभाने के कारण वे समाज के सभी तबकों में बेहद लोकप्रिय थे. निधन की आधिकारिक पुष्टि होते ही उनके पार्थिव शरीर के अंतिम दर्शन और खिराज-ए-अकीदत (श्रद्धांजलि) पेश करने के लिए उनके आवास पर हजारों नम आंखों की भीड़ उमड़ पड़ी.

विधायक, मुख्य पार्षद सहित सीमांचल के गणमान्य लोगों ने व्यक्त की संवेदना

अपूर्णनीय क्षति: हाजी असगर अली साहब के इंतकाल की सूचना मिलते ही फारबिसगंज के वर्तमान विधायक मनोज विश्वास, नगर परिषद की मुख्य पार्षद वीणा देवी, और उप मुख्य पार्षद नूतन भारती ने उनके आवास पर पहुंचकर परिजनों को ढांढस बंधाया. मुख्य पार्षद वीणा देवी ने गहरा दुख प्रकट करते हुए कहा कि, “वरिष्ठ समाजसेवी हाजी असगर अली साहब का उठ जाना फारबिसगंज के सामाजिक और राजनीतिक जगत के लिए एक ऐसी अपूर्णनीय क्षति है, जिसे कभी पूरा नहीं किया जा सकता. उन्होंने हमेशा गरीबों और मजलूमों की आवाज को बुलंद किया.”

शोक संवेदना प्रकट करने वाले अन्य प्रमुख गणमान्य लोगों में ये नाम शामिल हैं:

  • पूर्व उप मुख्य पार्षद शाद अहमद, मोती उर्र रहमान उर्फ मोती खान, फिरोज आलम उर्फ सलमान.
  • सरफराज आलम उर्फ फूल, पूर्व वार्ड पार्षद इरफान अंसारी, प्रबुद्ध समाजसेवी वाहिद अंसारी.
  • जदयू के प्रदेश सचिव रमेश सिंह, युवा समाजसेवी इजहार अंसारी, राहिल खान, शहबाज खान.
  • जदयू के जिलाध्यक्ष पवन मिश्रा, जदयू नगर अध्यक्ष इमामुल हक, मोज़म्मिल शेख, तालिब निजामी, मो. कलाम, अशरफ अली और शाहजहां शाद.

सभी नेताओं और बुद्धिजीवियों ने दिवंगत आत्मा की शांति और शोक संतप्त परिवार को इस गहरे दुख को सहने की शक्ति प्रदान करने के लिए ईश्वर/अल्लाह से प्रार्थना की है. देर शाम सुपुर्द-ए-खाक की प्रक्रिया स्थानीय शहर के कब्रिस्तान में संपन्न की जाएगी, जिसमें भारी संख्या में लोग शामिल होंगे.

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लेखक के बारे में

Published by: Divyanshu Prashant

दिव्यांशु प्रशांत वर्तमान में Prabhat Khabar डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। उन्होंने महात्मा गाँधी अंतर्राष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा से पत्रकारिता में परास्नातक तथा टी. एन. बी. कॉलेज भागलपुर से हिंदी साहित्य में स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। हिंदी साहित्य की पृष्ठभूमि होने के कारण उन्हें पढ़ने, लेखन और कविता-सृजन में विशेष रुचि है। मीडिया क्षेत्र में लगभग एक वर्ष के अनुभव के दौरान वे Dainik Jagran में न्यूज़ राइटर और रिपोर्टर के रूप में कार्य कर चुके हैं। करियर के शुरुआती दौर में लोकसभा और विधानसभा चुनावों से जुड़े पॉलिटिकल कंटेंट राइटिंग का विशेष अनुभव प्राप्त किया। सटीक, निष्पक्ष और प्रभावशाली लेखन के माध्यम से पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुँचाना उनकी पेशेवर पहचान है।

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