अररिया: प्रखंड व अंचल कार्यालयों के वित्तीय अभिलेखों में मिली खामियां, DM विनोद दूहन ने दिए सख्त निर्देश, 7 दिनों में मांगा सुधार प्रतिवेदन

अररिया जिला प्रशासन ने प्रखंड और अंचल कार्यालयों में वित्तीय गड़बड़ियों पर कड़ा रुख अपनाया है. जिलाधिकारी विनोद दूहन ने सात दिनों के भीतर सुधार रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है, स्पष्ट किया है कि सरकारी राशि के संधारण में किसी भी स्तर की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

अररिया जिले के प्रखंड और अंचल कार्यालयों में वित्तीय लेन-देन और अभिलेखों के रख-रखाव में सामने आई गंभीर कमियों को लेकर जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है. जिलाधिकारी विनोद दूहन ने मामले को बेहद गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों और कर्मियों को चिह्नित कमियों में तत्काल सुधार करने और सात दिनों के भीतर अंतिम जांच प्रतिवेदन सौंपने का कड़ा निर्देश दिया है. डीएम ने साफ लफ्जों में चेतावनी दी है कि सरकारी राशि के संधारण और वित्तीय प्रक्रियाओं में किसी भी स्तर पर बरती गई शिथिलता कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

वरीय कोषागार पदाधिकारी की जांच में खुली पोल

जिलाधिकारी के स्पष्ट आदेश के बाद वरीय कोषागार पदाधिकारी मो. नुरूल हक ने जिले के सभी प्रखंड एवं अंचल कार्यालयों के वित्तीय लेन-देन से जुड़े दस्तावेजों की सघन जांच की थी. इस व्यापक जांच अभियान के दौरान कार्यालयों के सरकारी बैंक खातों, रोकड़ पंजी (कैश बुक), अग्रिम राशि और समायोजित अभिश्रव (वाउचर) सहित कई महत्वपूर्ण वित्तीय अभिलेखों की गहन पड़ताल की गई, जिसमें कई स्तरों पर नियमों की अनदेखी और गंभीर लापरवाहियां उजागर हुईं.

डीएम ने की समीक्षा, वित्तीय नियमावली के पालन का दिया आदेश

जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद जिलाधिकारी ने सामने आए तमाम बिंदुओं की बिंदुवार समीक्षा की. समीक्षा बैठक के दौरान उन्होंने अधिकारियों को सख्त लहजे में निर्देश दिया कि बिहार वित्तीय नियमावली और बिहार कोषागार संहिता के प्रावधानों के साथ-साथ वित्त विभाग द्वारा समय-समय पर जारी दिशा-निर्देशों का अक्षरशः अनुपालन किया जाए. उन्होंने दो टूक कहा कि सरकारी धन के उपयोग और उसके कागजी अभिलेखों के संधारण में किसी भी नियम की उपेक्षा पाए जाने पर जवाबदेही तय कर सीधी कार्रवाई की जाएगी.

जिले के सभी सरकारी कार्यालयों का होगा नियमित अंकेक्षण

प्रशासनिक पारदर्शिता और वित्तीय अनुशासन को मजबूत करने के लिए डीएम ने जिले के सभी सरकारी कार्यालयों का नियमित ऑडिट (अंकेक्षण) कराने का बड़ा फैसला लिया है. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि आंतरिक जांच में जो भी खामियां या विसंगतियां पाई गई हैं, उन्हें तय सरकारी प्रक्रिया के तहत तुरंत दुरुस्त किया जाए और सभी वित्तीय रजिस्टरों को हर हाल में अद्यतन रखा जाए.

सात दिनों का अल्टीमेटम, तय होगी जवाबदेही

जिलाधिकारी ने संबंधित प्रखंड विकास पदाधिकारियों (बीडीओ), अंचलाधिकारियों (सीओ) और लेखापालों को आवश्यक सुधार सुनिश्चित करते हुए एक सप्ताह के भीतर अनुपालन रिपोर्ट समाहरणालय में जमा कराने का अल्टीमेटम दिया है. तय समय सीमा के भीतर संतोषजनक सुधार न दिखने पर दोषी कर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की गाज गिरना तय माना जा रहा है.

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Pankaj jha

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >