अररिया समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में जिला पदाधिकारी (डीएम) विनोद दूहन ने पथ निर्माण विभाग (आरसीडी) के कार्यों और जिले में चल रही बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की. बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने जिले की सभी प्रमुख और संपर्क सड़कों के नियमित मेंटेनेंस (रखरखाव) और जरूरी पैचवर्क/मरम्मत कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने का सख्त निर्देश दिया है.
डीएम ने स्पष्ट शब्दों में चेताया कि सड़कों के संधारण और निर्माण कार्य में किसी भी स्तर पर प्रशासनिक अथवा तकनीकी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
जिले में संचालित सभी पांच परियोजनाओं की ली अद्यतन रिपोर्ट
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने पथ निर्माण विभाग द्वारा जिले भर में क्रियान्वित की जा रही कुल पांच महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं की प्रगति की बिंदुवार समीक्षा की:
- प्रोजेक्ट्स की अद्यतन स्थिति: कार्यपालक अभियंता से प्रत्येक परियोजना के भौतिक और वित्तीय लक्ष्यों की जानकारी ली गई और जहां कार्य धीमा पाया गया, वहां तत्काल जनबल और मशीनरी बढ़ाकर गति तेज करने को कहा गया.
- समय-सीमा का निर्धारण: डीएम ने संबंधित अधिकारियों और संवेदकों को दो-टूक निर्देश दिया कि सभी परियोजनाएं निर्धारित डेडलाइन के भीतर पूरी होनी चाहिए ताकि आम जनता को सुगम आवागमन का लाभ मिल सके.
गुणवत्ता मानकों पर जीरो टॉलरेंस: डीएम के प्रमुख निर्देश
सड़क निर्माण और मरम्मत को लेकर डीएम विनोद दूहन ने कड़े मानक तय किए हैं:
| समीक्षा बिंदु | डीएम का निर्देश | प्रशासनिक व तकनीकी दायित्व |
| नियमित मेंटेनेंस | गड्ढा-मुक्ति और त्वरित मरम्मत प्राथमिकता पर हो | आवागमन सुगम बनाना और दुर्घटनाओं पर रोक |
| गुणवत्ता की निगरानी | निर्धारित डीपीआर मानकों का शत-प्रतिशत पालन | कार्यपालक अभियंता व सहायक अभियंता करेंगे फील्ड जांच |
| 5 चालू परियोजनाएं | समय-सीमा के भीतर शत-प्रतिशत पूर्ण करने का लक्ष्य | संवेदकों पर सतत प्रशासनिक निगरानी |
| कार्यों की मॉनिटरिंग | प्रगति रिपोर्ट की नियमित समीक्षा और थर्ड पार्टी ऑडिट | गुणवत्ता से समझौता करने वालों पर सीधी कार्रवाई |
'गुणवत्ता और समयबद्धता से कोई समझौता नहीं'
जिला पदाधिकारी विनोद दूहन ने समीक्षा बैठक में उपस्थित अभियंताओं को संबोधित करते हुए कहा कि सड़क किसी भी जिले की आर्थिक और सामाजिक रीढ़ होती है:
- नियमित निरीक्षण अनिवार्य: विभागीय पदाधिकारी केवल कागजी रिपोर्टों पर निर्भर रहने के बजाय खुद निर्माण स्थलों पर जाकर कार्य की गुणवत्ता, अलकतरा (बिटुमिन) और गिट्टी के मिश्रण की जांच करें.
- जवाबदेही तय होगी: निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की तकनीकी खामी या समय सीमा में बेवजह विलंब पाए जाने पर संबंधित संवेदक और निगरानी पदाधिकारी के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी.
बैठक में पथ निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता, सहायक अभियंता, कनीय अभियंता सहित समाहरणालय से जुड़े अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे.
