जोगबनी बॉर्डर पर नेपाल पुलिस की नागरिकता जांच से घंटों लग रहा जाम, बेतरतीब टैक्सियों से स्टेशन रोड ब्लॉक

भारत-नेपाल सीमा पर स्थित जोगबनी बॉर्डर पर इन दिनों यात्रियों को भीषण जाम की समस्या से जूझना पड़ रहा है. नेपाल प्रशासन द्वारा सीमा पर चलाई जा रही सघन नागरिकता जांच और भारतीय क्षेत्र में नेपाली नंबर की टैक्सियों के बेतरतीब परिचालन के कारण पूरा स्टेशन रोड घंटों ब्लॉक रहता है.

जोगबनी (अररिया) से सुदीप भारती की रिपोर्ट:

बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद नेपाल ने बढ़ाई चौकसी

दरअसल, सीमा पर इस अचानक बढ़ी सख्ती के पीछे का कारण बेहद गंभीर है. चर्चा है कि बंगाल में हुए सत्ता परिवर्तन के बाद वहाँ अवैध रूप से रह रहे नागरिकों के नेपाल में चोरी-छिपे प्रवेश करने की आशंका बढ़ गई है. इसी इनपुट के आधार पर नेपाल पुलिस द्वारा सीमा पर सघन नागरिकता जांच अभियान चलाया जा रहा है. खासकर सप्ताह में तीन दिन यह जांच बेहद कड़े स्तर पर की जा रही है, जिसका सीधा असर भारत-नेपाल सीमा के यातायात पर पड़ रहा है.

मरीजों की गाड़ियों में पहले पहुंचने की होड़, रेलवे स्टेशन पर कब्जा

नेपाल पुलिस की यह विशेष जांच उन तीन दिनों में और ज्यादा मुसीबत बन जाती है, जब पश्चिम बंगाल से जोगबनी के लिए सीधी ट्रेनें आती हैं. इन ट्रेनों से भारी संख्या में बंगाल के मरीज अपनी आंखों का इलाज कराने के लिए नेपाल के अस्पतालों में जाते हैं. इन मरीजों को ले जाने के लिए नेपाली नंबर की वैन और टैक्सियां बड़ी संख्या में जोगबनी रेलवे स्टेशन पर आकर खड़ी हो जाती हैं.

ट्रेन आते ही यात्रियों को बिठाने के लिए इन टैक्सी चालकों में पहले पहुंचने की होड़ मच जाती है. इसके चक्कर में गाड़ियां मुख्य सड़क पर ही दो से तीन लाइनों में समानांतर खड़ी कर दी जाती हैं, जिससे पूरा स्टेशन रोड जाम हो जाता है. इसके बाद जैसे ही ये गाड़ियां नेपाल की सीमा में प्रवेश करती हैं, वहाँ नेपाल पुलिस इनकी लंबी जांच शुरू कर देती है. इस दोहरी अव्यवस्था के कारण सीमा पर वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं.

नेपाली ड्राइवरों की मनमानी पर लगे अंकुश: नगर पार्षद

इस गंभीर समस्या को लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों में भी गहरा आक्रोश है. जोगबनी के मुख्य बाजार और स्टेशन रोड क्षेत्र के वार्ड संख्या 05 के नगर पार्षद प्रभात सिंह ने स्थिति पर चिंता व्यक्त की है. उन्होंने कहा कि नेपाल प्रशासन द्वारा अपने देश की सुरक्षा के लिए किसी भी प्रकार की जांच किया जाना उनका आंतरिक मामला है और इस पर कोई आपत्ति नहीं है. लेकिन भारतीय क्षेत्र में आकर नेपाली टैक्सियों द्वारा नियमों की धज्जियां उड़ाने पर तुरंत अंकुश लगना चाहिए.

नगर पार्षद ने आरोप लगाया कि इन नेपाली टैक्सी ड्राइवरों की मनमानी इतनी बढ़ गई है कि ये भारतीय ट्रैफिक नियमों का पालन बिल्कुल नहीं करते और पूरा स्टेशन रोड ब्लॉक कर देते हैं. इसके कारण मुख्य बाजार से स्टेशन जाने वाले स्थानीय लोग और अन्य वाहन घंटों जाम में फंसे रहते हैं. उन्होंने स्थानीय रेल पुलिस (GRP) और रेलवे सुरक्षा बल (RPF) से इस दिशा में कड़ा संज्ञान लेने और स्टेशन परिसर के बाहर यातायात व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की है.

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Published by: Divyanshu Prashant

Divyanshu Prashant is a contributor at Prabhat Khabar.

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