अल्पसंख्यक बालक छात्रावास बनने से बच्चों में खुशी

बेलवा में 07 करोड़ की लागत से सौ बेड का बन रहा छात्रावास

अररिया. अररिया प्रखंड के बेलवा पंचायत में अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के द्वारा बालक के लिए अल्पसंख्यक छात्रावास का निर्माण कराया जा रहा है. जिससे छात्रों में काफी खुशी है. इस सौ बेड वाले अल्पसंख्यक बालक छात्रावास का निर्माण 07 करोड़ 05 लाख की लागत से कराया जा रहा है. इस छात्रावास के निर्माण होने से अररिया में दूर दराज ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को होस्टल में रहकर मौका मिलेगा. खास कर वैसे बच्चे जो लॉज में रहकर पैसा देने में सक्षम नहीं है. अररिया में रहकर पढ़ना चाहते हैं वैसे बच्चों को काफी लाभ होगा. अररिया प्रखंड के बेलवा पंचायत जिसकी दूरी अररिया मुख्यालय से मात्र 05 किलोमीटर के करीब है. उसका काम तेजी से चल रहा है. ये बहुमंजिला इमारत तमाम सुविधा से लैस होगा. बेलवा में बन रहे इस अत्याधुनिक छात्रावास के लिए आबिदा शम्स मेमोरियल चेरिटेबल ट्रस्ट के द्वारा इस छात्रावास के निर्माण के लिए एक एकड़ भूमि राज्यपाल के नाम से दिया गया है. इस होस्टल के बगल में बच्चों के लिए एक मदरसा भी काफी दिनों से चल रहा है. कहते हैं सहायक निदेशक सहायक निदेशक अल्पसंख्यक कल्याण विभाग सुबोध कुमार ने बताया कि जिन्होंने इस छात्रावास के लिए इंजीनियर मंजूर आलम व उनके परिवार ने जो एक एकड़ भूमि दान दिया है वो निश्चित रूप से काफी बड़ा काम है. उन्हीं के दिए भूमि दान के चलते ये होस्टल बनना मुमकिन हो सका उन्होंने बताया कि 07 करोड़ 05 लाख की लागत से बन रहे इस बालक छात्रावास में कुल एक सौ छात्र रह सकेंगे. जिन्हें सरकार द्वारा हर माह 15 किलो सूखा अनाज व एक हजार रुपये दिया जाएगा. इसके अलावा इस छात्रावास का संचालन एक कमेटी के द्वारा किया जायेगा. जो अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की देखरेख में काम करेगा. उन्होंने बताया कि जल्द ही ये छात्रावास बनकर तैयार हो जायेगा. सुबोध कुमार ने बताया कि भूमि उपलब्ध हो जाने के बाद जल्द ही बालिकाओं के लिए भी बालिका अल्पसंख्यक छात्रावास का निर्माण भी कराया जाएगा.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >