अररिया. कटिहार रेल मंडल के अधीन अररिया-गलगलिया रेलखंड पर बने रेलवे पुल संख्या BR-5 में दरारें दिखने से रेल सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं. यह पुल अररिया कोर्ट जंक्शन और रहमतनगर स्टेशन के बीच बुआरीबाद के समीप स्थित है. स्थानीय लोगों के अनुसार पुल के पिलर और स्लैब के पास कई जगहों पर दरारें दिखाई दे रही हैं. हाल की तेज बारिश के बाद रेन कट से मिट्टी के कटाव और एप्रोच पथ के धंसने के निशान भी पुल के दोनों ओर देखे जा रहे हैं.
पिलर और स्लैब के पास दिखाई दे रही दरारें
स्थानीय लोगों का कहना है कि पुल के पिलर और स्लैब के आसपास कई स्थानों पर दरारें नजर आ रही हैं. पुल के दोनों तरफ बने एप्रोच पथ पर भी मिट्टी धंसने के निशान दिखाई दे रहे हैं. ग्रामीणों के अनुसार लगातार बारिश के बाद रेन कट और मिट्टी के कटाव की स्थिति बनी, जिसके बाद पुल के आसपास की संरचना को लेकर चिंता बढ़ी है.
दो साल पुराने पुल में दरार से निर्माण गुणवत्ता पर सवाल
ग्रामीणों के अनुसार रेलवे पुल का निर्माण करीब दो वर्ष पहले ही हुआ था. इतने कम समय में पुल में दरार दिखाई देने से निर्माण की गुणवत्ता और रखरखाव को लेकर सवाल उठ रहे हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते तकनीकी जांच और आवश्यक मरम्मत नहीं करायी गयी तो भविष्य में स्थिति गंभीर हो सकती है.
अररिया-सिलीगुड़ी ट्रेन से रोजाना सफर करते हैं सैकड़ों यात्री
अररिया-गलगलिया रेलखंड क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण रेल मार्ग है. इस रेलखंड पर अररिया-सिलीगुड़ी ट्रेन से प्रतिदिन सैकड़ों यात्री सफर करते हैं. पुल में दरार की जानकारी सामने आने के बाद यात्रियों और आसपास के लोगों में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गयी है.
तत्काल तकनीकी जांच और सुरक्षा ऑडिट की मांग
स्थानीय लोगों ने रेल प्रशासन से पुल की तत्काल तकनीकी जांच कराने की मांग की है. इसके साथ ही दरारों की स्थिति का आकलन कर आवश्यक मरम्मत कराने और पुल का सुरक्षा ऑडिट कराने की मांग उठायी गयी है. ग्रामीणों का कहना है कि रेल परिचालन से जुड़ी संरचना होने के कारण किसी भी संभावित खतरे की अनदेखी नहीं की जानी चाहिए.
रेलवे के आधिकारिक जवाब का इंतजार
पुल में दरार को लेकर अब तक रेल विभाग की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है. स्थानीय लोग रेलवे अधिकारियों से संपर्क कर स्थिति की जानकारी देने और तत्काल निरीक्षण की मांग कर रहे हैं. अब निगाह इस बात पर है कि रेलवे की तकनीकी टीम पुल का निरीक्षण कर दरारों की वास्तविक स्थिति और सुरक्षा पर क्या रिपोर्ट देती है.
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