Araria News: अररिया. जमीन से जुड़े विवादों के त्वरित समाधान के उद्देश्य से फारबिसगंज प्रखंड सह अंचल कार्यालय में शनिवार को जनता दरबार आयोजित किया गया. जनता दरबार में भूमि विवाद, अतिक्रमण वाद और राजस्व विभाग से संबंधित विभिन्न मामलों की सुनवाई की गई. अलग-अलग पंचायतों से आए एक दर्जन से अधिक आवेदनकर्ताओं ने अपनी समस्याएं अधिकारियों के समक्ष रखीं.
कार्यक्रम के दौरान फारबिसगंज DCLR ने जनता दरबार का निरीक्षण किया और कई मामलों की सुनवाई भी की. अधिकारियों ने संबंधित राजस्व कर्मचारियों को मामलों की जांच कर शीघ्र कार्रवाई करने का निर्देश दिया, ताकि लंबित भू-विवादों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जा सके.
DCLR ने लिया मामलों का जायजा
जनता दरबार के दौरान फारबिसगंज DCLR ने अंचल कार्यालय पहुंचकर चल रही सुनवाई प्रक्रिया का निरीक्षण किया. उन्होंने कई मामलों की सुनवाई करते हुए अधिकारियों से लंबित प्रकरणों की स्थिति की जानकारी ली.
अधिकारियों ने बताया कि जनता दरबार का उद्देश्य आम लोगों को अंचल स्तर पर ही सुनवाई और समाधान का अवसर उपलब्ध कराना है, ताकि छोटे-छोटे भूमि विवाद लंबे समय तक लंबित न रहें.
CO और CI ने सुनी ग्रामीणों की समस्याएं
अंचल पदाधिकारी पंकज कुमार और सीआई राज रंजन भास्कर ने भूमि विवाद से जुड़े मामलों की सुनवाई की. विभिन्न पंचायतों से आए लोगों ने जमीन की सीमा, कब्जा, अतिक्रमण और राजस्व अभिलेखों से संबंधित शिकायतें अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत कीं.
सुनवाई के दौरान संबंधित पंचायतों के राजस्व कर्मचारी भी उपस्थित रहे, ताकि मामलों की प्रारंभिक जानकारी और रिकॉर्ड के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की जा सके.
जांच कर शीघ्र समाधान के निर्देश
अंचल पदाधिकारी पंकज कुमार ने बताया कि जनता दरबार में प्राप्त सभी आवेदनों पर संबंधित राजस्व कर्मचारियों को जांच करने और आवश्यक कार्रवाई करते हुए जल्द से जल्द समस्या का समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं.
उन्होंने कहा कि भूमि विवाद, अतिक्रमण और राजस्व विभाग से जुड़े मामलों का समयबद्ध निष्पादन प्रशासन की प्राथमिकता है और प्रत्येक मामले की तथ्यात्मक जांच के आधार पर कार्रवाई की जाएगी.
Araria News: विभिन्न पंचायतों के लोग पहुंचे
जनता दरबार में विभिन्न पंचायतों से आए एक दर्जन से अधिक आवेदनकर्ताओं की शिकायतों पर सुनवाई की गई. ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि अंचल स्तर पर नियमित रूप से ऐसे शिविर आयोजित होने से उन्हें बार-बार कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और स्थानीय स्तर पर विवादों का समाधान संभव होगा.
