अररिया ने निर्यात में बिहार में हासिल किया तीसरा स्थान, 1,594.60 करोड़ रुपये के कारोबार से बढ़ी जिले की आर्थिक ताकत

अररिया ने 1,594.60 करोड़ रुपये के निर्यात के साथ बिहार में तीसरा स्थान हासिल कर अपनी आर्थिक शक्ति का प्रदर्शन किया है। सांसद प्रदीप कुमार सिंह ने किसानों और व्यापारियों की मेहनत की सराहना की है।

अररिया. वित्तीय वर्ष 2025-26 में 1,594.60 करोड़ रुपये के निर्यात के साथ अररिया ने बिहार में तीसरा स्थान हासिल किया है. सांसद कार्यालय, नई दिल्ली से जारी प्रेस विज्ञप्ति में यह जानकारी दी गयी है. सांसद प्रदीप कुमार सिंह ने इस उपलब्धि के लिए जिले के किसानों, उद्यमियों और व्यापारियों को बधाई देते हुए कहा कि निर्यात का यह आंकड़ा अररिया की बढ़ती आर्थिक शक्ति को दर्शाता है.

सीमावर्ती जिले से उभरते आर्थिक केंद्र की ओर बढ़ रहा अररिया

सांसद प्रदीप कुमार सिंह ने कहा कि 1,594.60 करोड़ रुपये का निर्यात यह बताता है कि अररिया अब केवल सीमावर्ती जिला नहीं रह गया है, बल्कि कृषि, खाद्य प्रसंस्करण और निर्यात के क्षेत्र में तेजी से उभरता आर्थिक केंद्र बन रहा है. उन्होंने कहा कि जिले की पहचान मखाना जैसे विशिष्ट कृषि उत्पादों के साथ मजबूत हो रही है.

चावल और मक्का के निर्यात में भी संभावनाएं

अररिया में मखाना के अलावा चावल, मक्का और अन्य कृषि एवं खाद्य प्रसंस्कृत उत्पादों के निर्यात की भी व्यापक संभावनाएं हैं. सांसद ने कहा कि स्थानीय स्तर पर इन उत्पादों की गुणवत्ता और प्रसंस्करण क्षमता को बढ़ाकर जिले को बड़े बाजारों से जोड़ा जा सकता है.

जोगबनी-नेपाल व्यापार मार्ग से बढ़ सकती है निर्यात क्षमता

सांसद ने कहा कि जोगबनी-नेपाल व्यापार मार्ग अररिया की निर्यात क्षमता को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है. उन्होंने कहा कि 1,594.60 करोड़ रुपये का निर्यात महज एक आंकड़ा नहीं, बल्कि जिले के किसानों, उद्यमियों और व्यापारियों की मेहनत एवं आर्थिक क्षमता का प्रमाण है.

प्रोसेसिंग, पैकेजिंग और कोल्ड चेन पर जोर

सांसद ने कहा कि अब स्थानीय उत्पादों को बेहतर प्रोसेसिंग, पैकेजिंग और ब्रांडिंग की सुविधा देने की जरूरत है. इसके साथ ही कोल्ड चेन, भंडारण और बाजार की बेहतर व्यवस्था विकसित करनी होगी. इससे स्थानीय उत्पादों को बड़े बाजारों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी और किसानों को उनके उत्पाद का बेहतर मूल्य मिल सकेगा.

रोजगार के अवसर बढ़ाने की भी उम्मीद

स्थानीय कृषि और खाद्य उत्पादों के प्रसंस्करण को बढ़ावा मिलने से जिले में रोजगार के नये अवसर पैदा होने की संभावना है. सांसद ने कहा कि स्थानीय स्तर पर उत्पादों की वैल्यू एडिशन और बाजार सुविधा मजबूत होने से किसानों के साथ छोटे उद्यमियों और व्यापारियों को भी लाभ मिलेगा.

अररिया को सीमांचल का प्रमुख निर्यात केंद्र बनाने का लक्ष्य

प्रदीप कुमार सिंह ने कहा कि वे अररिया को सीमांचल के प्रमुख निर्यात केंद्र और फूड प्रोसेसिंग सेंटर के रूप में विकसित करने के लिए केंद्र एवं राज्य सरकार के स्तर पर पहल जारी रखेंगे. उन्होंने कहा कि जिले की कृषि क्षमता, जोगबनी-नेपाल व्यापार मार्ग और स्थानीय उद्यमिता को जोड़कर अररिया की आर्थिक संभावनाओं को और मजबूत किया जा सकता है.

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लेखक के बारे में

By मृगेंद्रमणि सिंह

मृगेंद्रमणि सिंह प्रिंट माध्यम में 16 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. प्रभात खबर के अररिया कार्यालय में कार्यरत हैं. सामाजिक सरोकार, अपराध, शिक्षा, राजनीतिक खबरों में रुचि रखते हैं.

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