कहते हैं कि अगर दिल में सच्चा जज्बा और मेहनत करने का इरादा हो, तो कोई भी मुकाम हासिल किया जा सकता है. इस बात को अररिया जिले के रानीगंज प्रखंड अंतर्गत नारायणपुर गांव निवासी अजित रंजन ने सच साबित कर दिखाया है. अजित रंजन ने ऑल इंडिया बार एग्जामिनेशन (AIBE) सफलतापूर्वक उत्तीर्ण कर आधिकारिक रूप से अधिवक्ता (Advocate) की उपाधि प्राप्त कर ली है. उनकी इस उपलब्धि से न केवल उनके परिवार में बल्कि पूरे अररिया जिले में खुशी और गर्व का माहौल है.
विधि और छात्र राजनीति में रहा है सक्रिय योगदान
अजित रंजन अररिया व्यवहार न्यायालय के वरीय अधिवक्ता सह अपर लोक अभियोजक (APP) छंगुरी मंडल और शिक्षिका सत्यभामा कुमारी के सबसे छोटे पुत्र हैं:
- शैक्षणिक पृष्ठभूमि: अजित ने मुंगेर स्थित विश्वनाथ सिंह इंस्टीट्यूट ऑफ लीगल स्टडीज (Vishwanath Singh Institute of Legal Studies) से लॉ (LL.B) की डिग्री हासिल की है. इससे पहले उन्होंने बीकॉम (B.Com) की पढ़ाई पूरी की थी.
- छात्र राजनीति में परचम: विधि की पढ़ाई से पूर्व अजित छात्र राजनीति में भी काफी सक्रिय रहे हैं. वे अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) से जुड़े रहे और बिहार सरकार द्वारा आयोजित छात्रसंघ चुनाव में महासचिव पद पर शानदार जीत दर्ज की थी.
"वंचितों को न्याय दिलाना होगा मुख्य ध्येय": माता-पिता
अजित की इस बड़ी सफलता पर उनके पिता छंगुरी मंडल और माता सत्यभामा कुमारी ने खुशी जाहिर करते हुए कहा:
"अजित ने अपनी कड़ी मेहनत के बल पर ऑल इंडिया बार एग्जामिनेशन उत्तीर्ण किया है. हमें पूरा विश्वास है कि वह अपने पिता के पदचिह्नों पर चलते हुए न्याय व्यवस्था में पूरी निष्ठा से काम करेगा और समाज के गरीब व वंचित शोषित वर्ग को न्याय दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा."
बधाइयों का लगा तांता
अजित रंजन के एआईबीई परीक्षा पास करने और अधिवक्ता बनने की खबर मिलते ही अररिया कोर्ट परिसर के अधिवक्ताओं, स्थानीय जनप्रतिनिधियों, ग्रामीणों और अभाविप कार्यकर्ताओं ने उन्हें फोन व मिलकर बधाई संदेश दिए और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की.
