कृषि यंत्र खरीद . फर्जी तरीके से लिया अनुदान
अररिया : कृषि यंत्रों के फर्जी तरीके से बिक्री दिखा कर अनुदान के रूप में लाखों रुपये का घोटाला करने के मामले में आखिरकार जांच के बाद सप्लायर के प्रोपराइटर व दो कृषि समन्वयकों के विरुद्ध जिला कृषि पदाधिकारी शिवदत्त सिन्हा ने नगर थाना में अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज करायी है. पहली प्राथमिकी स्वीकृति ट्रेडर्स की प्रोपराइटर रानी मेहता पति उमेश मेहता के विरुद्ध दर्ज कराया गयी गयी है, जबकि इस मामले में प्रोपराइटर को मदद पहुंचाने वाले दो कृषि समन्वयक संजय कुमार पिता विष्णुदेव महतो व ज्ञानशंकर सिंह पिता विदुर नारायण सिंह के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करायी गयी है.
स्वीकृति ट्रेडर्स की प्रोपराइटर रानी मेहता पर आरोप लगाया गया है कि बिन प्रतिष्ठान स्थल व किसानों को बिना कृषि यंत्र दिये फर्जी कैशमेमो देकर किसानों के नाम पर कार्यालय को अंधकार में रख कर अनुदान की राशि का भुगतान लिया गया. इसमें लगभग 61 लाख 82 हजार रुपये कैशमेमो तैयार कर अनुदान के लिए कार्यालय को विपत्र पेश किया गया था. इसके आलोक में 12 लाख 98500 रुपये कृषकों के खाते में स्थानांतरित किये गये. बताया गया है कि स्वीकृति ट्रेडर्स के नाम पर कोई प्रतिष्ठान नहीं है. साथ ही यंत्र खरीद का इन्वाइस रसीद भी उनके पास नहीं है.
बिना कृषि यंत्र के रहते 61 लाख 82 हजार का कैशमेमो वितरित किया जाना एक आपराधिक मामला बनता है जो सरकार को धोखा देते हुए सरकारी राशि के गबन का सुनियोजित प्रयास है. इसके अलावा दो कृषि समन्वयकों पर भी प्राथमिकी दर्ज की गयी है. इनमें संजय कुमार व ज्ञानशंकर सिंह द्वारा अररिया प्रखंड के विभिन्न पंचायतों में सत्यापित किये गये कृषि यंत्र अधिकांश किसानों के पास नहीं पाये गये. इस संबंध में विभाग द्वारा स्पष्टीकरण मांगे जाने पर उनकी ओर से कोई जवाब विभाग को उपलब्ध नहीं कराया गया. इसके साथ ही उन पर आरोप है कि उन दोनों ने विभागीय जांच की प्रक्रिया के दौरान अधिकारियों को अपेक्षित सहयोग नहीं किया गया.
