जनता के बीच से पार्षद गायब

अररिया : नगर सरकार के गठन को लेकर छह दिनों का फासला शेष रह गया है. पार्षदों के जोड़-तोड़ की कवायद भी तेज हो गयी है. जिले के राजनीतिक दिग्गज भी अपने-अपने मुख्य पार्षद के दावेदारों के पक्ष में अब खुल कर सामने आने लगे हैं. इधर मुख्य पार्षद की दौड़ में शामिल अप्रत्यक्ष रूप […]

अररिया : नगर सरकार के गठन को लेकर छह दिनों का फासला शेष रह गया है. पार्षदों के जोड़-तोड़ की कवायद भी तेज हो गयी है. जिले के राजनीतिक दिग्गज भी अपने-अपने मुख्य पार्षद के दावेदारों के पक्ष में अब खुल कर सामने आने लगे हैं. इधर मुख्य पार्षद की दौड़ में शामिल अप्रत्यक्ष रूप से दो दावेदार पूर्व उप मुख्य पार्षद पिंकू यादव की पत्नी रूबी देवी व इस बार के निर्विरोध चुनाव जीतने वो रितेश राय के बीच मुकाबला होता दिख रहा है. दोनों ही खेमे में पार्षद पद के प्रत्याशी अपनी जीत के रोज-रोज नये दावे कर रहे हैं. दोनों ही खेमा अपने आप को बहुमत के आंकड़ों से बस चंद ही फासलों की दूरी पर खड़ा मान रहा है.
हालांकि निर्वाचन आयोग के शपथ ग्रहण समारोह को लेकर तय तिथि नौ जून की नोटिस की प्रति सभी नव निर्वाचित पार्षदों के हाथ या फिर उनके घरों तक पहुंच चुके हैं. नाम नहीं छापने की शर्त पर एक पार्षद ने बताया कि अररिया नप के 29 पार्षदों में से 14 पार्षद पड़ोसी राष्ट्र नेपाल की वादियों का आनंद उठा रहे हैं. उन्होंने बताया कि लापता पार्षदों के साथ एक मुख्य पार्षद के दावेदार भी अपने पार्षदों की निगेहबानी में लगे हुए हैं, जो बचे हुए हैं वे अपना रेट बढ़ाने में लगे हुए हैं. इधर दिलचस्प बात तो यह है कि इन पार्षदों के लापता होने की हकीकत पर यकीन कर भी लिया जाये तो अभी भी पार्षदों के जादुई गणित के मौजूद होने के दावे विपक्षी द्वारा किये जा रहे हैं.

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