सलाह. नाॅन बैंकिंग संस्थाओं के अनावश्यक प्रलोभन से बचें
आरबीआइ के सचेत पोर्टल पर करें शिकायत दर्ज
अररिया : नॉन बैंकिंग कंपनियों में पैसा लगाने व निवेश करते समय लोगों को पूरी सतर्कता बरतनी चाहिए. अनावश्यक प्रलोभन में नहीं फंसना चाहिए. वहीं समस्याओं की जानकारी व समाधान के लिए भारतीय रिजर्व बैंक के विशेष पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज की जा सकती है. ऐसी बातें मंगलवार को लीड बैंक कार्यालय में मीडिया कर्मियों से बात चीत करते हुए आरबीआई के सहायक प्रबंधक प्रदीप कुमार सिंह ने दी.
जिले में संचालित नॉन बैंकिंग कंपनियों व संस्थाओं के निरीक्षण के लिए पहुंचे सहायक प्रबंधक श्री सिंह ने बताया कि नन बैंकिंग कंपनियों द्वारा निवेशकों को परेशान करने की शिकायतें मिलती रहती हैं.
हाल के दिनों में ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं. कार्रवाई भी हो रही है. पर उनकी स्कीमों में निवेश करने से पहले निवेशकों को चाहिए कि योजना विशेष को पूरी जानकारी लेकर ही निवेश करें. तीन साल में राशि दो गुना करने, बहुत अल्पवधि में जमीन का प्लाट मुहैया कराने जैसे प्रलोभनों की पूरी जांच कर लें. उन्होंने बताया कि संबंधित सरकार विभागों से अनुमति प्राप्त नन बैंकिंग संस्थाओं व कंपनियों के लिए ये जरूरी है कि वे संबंधित जिले के डीएम को जानकारी उपलब्ध कराने के बाद ही संचालन शुरू करें. जिला प्रशासन के पास उनका सूचीबद्ध होना जरूरी है. पीआइडी यानी जमाकर्ता हित संरक्षण अधिनियम के तहत ये भी जरूरी है कि ऐसी कंपनियां हर साल अपना वित्तीय लेखा जिला पदाधिकारी को उपलब्ध करायें. वरना डीएम को ऐसी कंपनियों के संचालन पर रोक लगाने का अधिकार है.
समस्या निवरण प्रक्रिया के बाबत पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि आरबीआई के विशेष पोर्टल सचेत पर ऐसी जानकारी दी जा सकती है. पोर्टल से आरबीआई, सेबी व आइआरडीए सहित अन्य सभी रेगूलेटरी संस्थाएं जुड़ी हुई हैं. शिकायत संबंधित विभाग को चली जाती है. आवेदन की ट्रैकिंग भी उसी पोर्टल पर की जा सकती है. जिला स्थित नन बैकिंग कपंनियों के काम काज के बाबत पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि जिला स्तर से उन्हें सूची नहीं मिल पायी. अन्य स्त्रोतों से मिली जानकारी के आधार पर वे ऐसी कंपनियों के कार्यालय का निरीक्षण कर रहे हैं. कोई बड़ी शिकायत नहीं मिली है.
