अररिया: जमाते इसलामी हिंद के तत्वावधान में जिला सहित राष्ट्रीय स्तर पर मुसलिम पर्सनल लॉ जागरूकता अभियान शुरू किया जायेगा. 13 अप्रैल से सात मई तक चलने वाले इस मुहिम के दौरान लोगों को इसलामी पारिवारिक व्यवस्था की सही जानकारी दी जायेगी. ऐसी जानकारी जमाते इसलामी के जिला कार्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में दी गयी. जमात के स्थानीय अमीर मो मोहसिन ने कहा कि देश में समान नागरिक संहिता लागू करने की मंशा से तीन तलाक के मुद्दे व गैर जरूरी ढंग से आधार बनाया जा रहा है.
मुसलिम पर्सनल बोर्ड को घेरने का प्रयास हो रहा है. भारत में संविधान हर नागरिक व धर्म की स्वतंत्रता की जमानत देता है. लिहाजा समान नागरिक संहिता लोक तंत्र के हित में नहीं है. मुसलिम पर्सनल लॉ में निकाह, तलाक, खोला, मेहर सभी व्यवस्था के कायदे कानून की जानकरी है. पर अज्ञानता के अभाव में मुसलिम समाज भी कभी कभार अनदेखी करता रहता है.
23 अप्रैल से शुरू होने वाले मुहिम के दौरान मुसलिम समाज तक ये जानकारी पहुंचायी जायेगी. मदरसों व मसजिद के इमामों को भी ये जानकारियां लोगों तक पहुंचाने का आह्वान किया गया है. गैर मुसलिम भाईयों तक भी जानकारी पहुंचायी जायेगी, ताकि भ्रांतियां दूर हो सकें. वहीं तलाक व तीन तलाक के संबंध में पूछे गये प्रश्न पर सदस्यों ने कहा कि तलाक का प्रावधान है जरूर, पर अल्लाह के नजदीक ये नापसंदीदा अमल है. वहीं एक साथ तीन तलाक पर कहा गया कि ये सख्त गुनाह है. बताया गया कि मुहिम के लिए शम्स आजम को कनवेनर व मौलाना अफरोज आलम फलाही व मौलाना अबसारूल खैरान को सहायक कन्वेनर बनाया गया है. प्रेस कांफ्रेंस में इंजीनियर जुबैर आलम, मौलाना आबिद फलाही व शफीक एजाज सोनी भी उपस्थित थे.
