जब नौ अपराधियों को ग्रामीणों ने मार दिया

अररिया : पिछले एक दशक में भीड़ ने जहां डेढ़ दर्जन बदमाशों को पीट-पीट कर मार डाला, वहीं तीन युवकों की आंखों में तेजाब डाल कर उन्हें अंधा बना दिया. वर्ष 1984 की घटना को यादव कर लोग आज भी सिहर उठते हैं. देवीगंज बाजार में व्यवसायी जनक लाल साह के घर डकैती करने आये […]

अररिया : पिछले एक दशक में भीड़ ने जहां डेढ़ दर्जन बदमाशों को पीट-पीट कर मार डाला, वहीं तीन युवकों की आंखों में तेजाब डाल कर उन्हें अंधा बना दिया. वर्ष 1984 की घटना को यादव कर लोग आज भी सिहर उठते हैं. देवीगंज बाजार में व्यवसायी जनक लाल साह के घर डकैती करने आये नौ बदमाशों को ग्रामीणों ने मार डाला था. वर्ष 2001 में कुर्साकांटा थाना क्षेत्र के वार्ड संख्या चार निवासी सीताराम सिंह पिता बेचू सिंह के घर बकरा चोरी को लेकर हरिरा पंचायत के वार्ड संख्या पांच निवासी चोरी के आरोपी श्री लाल महतो, पिता तुरंत लाल महतो को भी उग्र भीड़ ने पीट-पीट कर मार डाला था.

अब तक हो चुकी है दो दर्जन मौत
24 अगस्त 2016 : नरपतगंज थाना क्षेत्र के मधुरा उत्तर साह टोला के समीप तामगंज में ग्रामीणों द्वारा एक मवेशी चोर की पीट-पीट कर हत्या
16 सितंबर 2015 : आरएस ओपी क्षेत्र में धामा गांव में दो मवेशी चोरों की भीड़ ने खूंटे से बांध कर पीट-पीट कर हत्या कर दी
चार सितंबर 2014 : जोकीहाट के महादेवा में उग्र भीड़ ने डकैत की पीट कर हत्या कर दी. मृतक कथित डकैत राजेंद्र यादव किशनगंज जिले के गोपीटोला कोचाधामन का रहने वाला था.
चार दिसंबर 2014 : ललुआबाड़ी गांव में दो अपराधियों की भी पीट-पीट कर हत्या कर दी गयी थी. दोनों मृतक वाहिद व जहांगीर मियां दलामलपुर थाना अमौर जिला पूर्णिया का निवासी था.
एक नवंबर 2013 : कुर्साकांटा थाना क्षेत्र के हरिपुर गांव के ही मवेशी चोर मो शाहिद को भीड़ ने आंख में तेजाब डाल दिया.
नवंबर 2012 : बैरगाछी ओपी क्षेत्र के बांसबाड़ी गांव में बकरा चोरी कर ले जाते हुए एक चोर को ग्रामीणों ने पकड़ कर पीट-पीट कर मार डाला था.
वर्ष 2007 : एक व्यवसायी से रंगदारी मांगने आये जोकीहाट चरघरिया चौक पर तीन बदमाशों को उग्र ग्रामीणों ने दिनदहाड़े पीट-पीट कर मार डाला था.
11 फरवरी 2007 : पलासी थाना क्षेत्र के सुकसेना स्थित जुडैल गांव में आक्रोशित ग्रामीणों ने दो डकैतों की पीट-पीट कर हत्या.
मामले की होगी निष्पक्ष जांच, दोषियों पर कार्रवाई
मामले में दोनों ही पक्षों द्वारा प्राथमिकी दर्ज करायी गयी है. मामले की निष्पक्ष ढंग से जांच करायी जायेगी. दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की जायेगी. उन्होंने कहा कि अगर मुज्जमिल अपने साथियों के साथ चोरी करने गया था, तो ग्रामीणों को उसे पुलिस के हवाले कर देना चाहिए था. खैर एक व्यक्ति अभी पुलिस हिरासत में है, जिसका उपचार चल रहा है. वहीं गृहस्वामी भी घायल हैं. परिजनों द्वारा उसका भी उपचार कराया जा रहा है. भीड़ द्वारा कानून को हाथ में लिया जाना गलत है. हर बिंदू पर जांच कर कार्रवाई की जायेगी.
सुधीर कुमार पोरिका, एसपी

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