फसल की तबाही से बरबादी की कगार पर पहुंचे किसान

आंधी-तूफान से क्षेत्र के सैकड़ों एकड़ में लगी फसल बरबाद उठने लगी क्षतिपूर्ति की मांग, सर्वे में जुटे कृषि कर्मी अररिया : शनिवार की सुबह भीषण तूफान के साथ हुई मूसलधार बारिश क्षेत्र के किसानों को आफत में डाल दिया है. बेहतर फसल की उम्मीद में बैंक व महाजन से बड़ी रकम कर्ज लेकर खेती […]

आंधी-तूफान से क्षेत्र के सैकड़ों एकड़ में लगी फसल बरबाद

उठने लगी क्षतिपूर्ति की मांग, सर्वे में जुटे कृषि कर्मी
अररिया : शनिवार की सुबह भीषण तूफान के साथ हुई मूसलधार बारिश क्षेत्र के किसानों को आफत में डाल दिया है. बेहतर फसल की उम्मीद में बैंक व महाजन से बड़ी रकम कर्ज लेकर खेती में लगा चुके किसानों के लिए तूफान आसमानी कहर बन कर टूटा है. दर्जनों किसानों के तो खेतों में लगी तमाम फसल ही आंधी व तूफान की भेंट चढ़ गयी है. आंधी का छिटपुट असर तो जिले के तमाम इलाकों में देखे जा सकते हैं. लेकिन उत्तर-पूर्व दिशा से आयी तेज चक्रवाती हवाओं का व्यापक असर जिले के दक्षिण-पश्चिम इलाकों में देखा जा सकता है. जहां सैकड़ों एकड़ में लगी फसल तबाह व बरबाद हो चुके हैं. जानकारों के मुताबिक आंधी ने अररिया प्रखंड के आधा दर्जन से अधिक पंचायतों में जम कर तबाही मचायी.
आंधी के कारण जमुआ, शरणपुर, बटुरबाड़ी, साहसमल, रामपुर, मदनपुर के साथ मुख्यालय से सटे पंचायत चंद्रदेई, कमलदाहा, बनगामा, कुसियारगांव, रामपुर कोदरकट्टी व दियारी ज्यादा प्रभावित रहा. नकदी फसल के रूप में मुख्यालय से सटे इलाका के बड़े भूभाग पर मकई के पौधे लगे होने से यहां तबाही का मंजर ज्यादा खतरनाक दिखता है. जबकि प्रखंड के दूसरे हिस्सों में बड़े भूभाग पर गेहूं की फसल लगी होने से नुकसान कम होने की संभावना व्यक्त की जा रही है. बहरहाल इस बार मक्का की बेहतर पैदावार की उम्मीद लगाये किसानों को आंधी ने बड़ा सदमा पहुंचाया है.
बर्बाद हुए फसल का मंजर दिखाते हुए चंद्रदेई के किसान मो मोसिन, मो सैयाद, मुजाहिद, मो कासिम व अन्य ने बताया ज्यादा मुनाफा के जुगत में इस बार पंचायत के ज्यादातर किसानों ने मक्का के उत्पादन में दिलचस्पी दिखायी थी. महाजन से बड़ी राशि कर्ज लेकर खेती में लगाया था. मौसम की मेहरबानी से खेतों में फसल लहलहा रहे थे. बस तैयारी का इंतजार हो रहा था. इसी बीच आयी चक्रवाती हवाओं ने हमारे अरमानों पर पानी फेर दिया.
खेतों में लगे सारे फसल तबाह और बर्बाद हो गये. इससे हम पूरी तरह कंगाली के कगार पर जा पहुंचे हैं. पंचायत के मुखिया आसिफुर्रहमान ने बताया कि कृषि विभाग को व्यापक स्तर पर हुई फसल क्षति की सूचना उपलब्ध करा दी गयी है. पंचायत के मुखिया, पंसस मो नेहाल, वार्ड सदस्य मेातिउर्रहमान, मो रईस, सब्बीर, हसीब, शहनवाज, मो मोकिम व अन्य ने एक स्वर में प्रभावित किसानों को सरकारी मुआवजा उपलब्ध कराने की मांग विभाग के समक्ष रखा. किसानों को मुआवजा उपलब्ध नहीं कराये जाने पर किसानों द्वारा एकजूट प्रदर्शन की बात कही गयी.
अररिया : आंधी के कारण फसलों को भारी नुकसान के बाद प्रभावित किसानों द्वारा सरकारी मुआवजा की मांग क्षेत्र में जोर पकड़ने लगी है. प्रखंड के चंद्रदेई, कुसियारगांव, दियारी, रामपुर कोदरकट्टी, बनगामा सहित अन्य पंचायत के किसानों ने जिला कृषि पदाधिकारी को लिखित आवेदन देकर फसल क्षति मुआवजा उपलब्ध कराने की मांग की है. हालांकि फसलों को हुए नुकसान के प्रति कृषि विभाग गंभीर बना हुआ है. रविवार होने के बाद भी कृषि विभाग के
कर्मी विभिन्न पंचायतों में फसल क्षति का सर्वे करते देखे गये. इस क्रम में कृषि समन्वयक ज्ञान शंकर सिंह, किसान सलाहकार, मौ तौहीद, शंभु कुमार, अजय सिंह व अन्य ने संबंध पंचायत का निरीक्षण किया. मामले में डीएओ शिवदत्त सिन्हा ने कहा कि सभी कर्मी को अविलंब क्षति रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया गया है. इसमें कोई कौताही बरदाश्त नहीं की जायेगी. अररिया बीएओ राजकुमार ने कहा क्षति का सर्वे जारी है. 33 प्रतिशत से ज्यादा क्षति होने पर प्रभावित किसानों को मुआवजा उपलब्ध कराने की बात उन्होंने कही.

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