दुखद. सदर अस्पताल के सामने आजाद नगर मुहल्ले में संवेदक ने दिया घटना को अंजाम
पुलिस ने मृतका शालू कुमारी उम्र लगभग 30 वर्ष के पति अभिषेक चंदन उर्फ मुन्ना को हिरासत में ले लिया है और उससे गहन पूछताछ कर रही है. इधर सूचना पर पहुंचे मृतका के पिता ने नगर थाना में अपने दामाद सहित चार लोगों के विरुद्ध हत्या करने का मामला दर्ज कराया है.
अररिया : सदर अस्पताल रोड में स्थित एक मकान में एक महिला की हत्या उसके पति द्वारा शनिवार की रात घर में ही कर दी गयी. सूचना पर पहुंची नगर थाना पुलिस ने त्वरित तौर पर कार्रवाई करते हुए शव को कब्जे में लिया व शव को पोस्टमार्टम में भेज दिया. मौके पर पुलिस ने मृतका शालू कुमारी उम्र लगभग 30 वर्ष के पति अभिषेक चंदन उर्फ मुन्ना को हिरासत में ले लिया.
उससे पुलिस गहन पूछताछ कर रही है. इधर सूचना पर पहुंचे मृतका के पिता ने नगर थाना में अपने दामाद सहित चार लोगों के विरुद्ध हत्या करने का मामला दर्ज कराया है. इस मामले में पुलिस ने मृतका की सास व दो ननद को भी पूछताछ के लिए थाना लाया है. हिरासत में लिया गया पति पेशे से संवेदक बताया जाता है. हत्या किन कारणों से की गयी है इसका खुलासा अभी तक नहीं हो पाया है. जानकारी के अनुसार शनिवार की रात संवेदक अभिषेक चंदन व उनकी पत्नी अपने बेड रूम में थे. शनिवार की रात्रि किसी ने टाइगर मोबाइल के जवान को सूचना दी कि संवेदक की पत्नी की हत्या हो गयी है. टाइगर मोबाइल की सूचना पर नगर थानाध्यक्ष आर के चौधरी, पुअनि सीके टुड्डू दल बल के साथ घटना स्थल पर पहुंचे. पुलिस ने घटना स्थल पर पहुंच कर महिला के शव को अपने कब्जे में ले लिया. जहां से शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया. महिला का सिर किसी ठोस हथियार से चूर कर हत्या की गयी थी. उसके बेड पर खून के धब्बे थे. इसके साथ ही पुलिस ने संवेदक पति को अपने हिरासत में लेकर नगर थाना लायी. जहां उससे पूछताछ की जा रही है. नगर थाना पुलिस ने जानकारी दी कि एक बेड रूम में शालु कुमारी का शव पड़ा था. पलंग का बिछावन खून से रंगा हुआ था. मृतका का बाल भी जहां-तहां फेंका हुआ था. मृतका के सिर के पिछले भाग में गहरे जख्म का निशान है. घर का कुछ कपड़ा भी इधर उधर बिखरा पड़ा हुआ था. हादसे की जानकारी मिलने पर लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी. लोग इस हत्या से हतप्रभ थे. मौके पर एसडीपीओ केडी सिंह भी घटनास्थल की बारिकी से मुआयना किया. नगर थानाध्यक्ष को कई आवश्यक निर्देश दिया. घटना की सूचना मृतका के पिता उमा शंकर साह तिलक नगर बेगूसराय को दी गयी. सूचना के चंद घंटे बाद मृतका की मां सूरजू देवी, पिता उमाशंकर साह अपने अन्य परिजनों के साथ अररिया आये. मृतक के परिजनों के दबाव पर दोबारा पोस्टमार्टम कराया गया. घटना को लेकर शहर में दिन भर चर्चा का विषय बना रहा. दर्जनों लोग पुलिस अधीक्षक से मिल कर अपनी भावना प्रकट किया.
कहते हैं एसपी
इस बाबत पुलिस अधीक्षक सुधीर कुमार पोरिका ने कहा कि यह ब्रुटल मर्डर है. इसकी गहराई से जांच की जा रही है. पति को गिरफ्तार कर लिया गया है. छानबीन चल रही. परिजन आये हैं. उनका बयान भी लिया जा रहा है. जो भी इस हत्या में शामिल होगा, उसे बख्शा नहीं जायेगा. किसी निर्दोष को इस मामले में घसीटा नहीं जायेगा.
पति, देवर, सास व एक ननद नामजद
शालू कुमारी हत्याकांड को लेकर मृतका के पिता के फर्द बयान के आधार पर नगर थाना कांड संख्या 211/17 दर्ज किया गया. इसमें मृतका के पति चंदन अभिषेक, सास शीला देवी, देवर अमित अभिषेक व ननद रिंकू देवी को नामजद किया गया है. दर्ज प्राथमिकी के मुताबिक शालू की शादी 22 नवंबर 2009 को चंदन अभिषेक से हुई थी. ससुराल आने पर शालू को नामजदों द्वारा प्रताड़ित किया जाता था. मिल बैठ कर मामले को शांत कर लिया गया था. पति द्वारा समय-समय पर रुपये मांगे जाने पर रुपये दिया भी करते थे. होली के पूर्व भी रुपये की मांग की गयी थी. हस्ताक्षर कर सादा चेक दामाद चंदन अभिषेक को दिया भी था. इस बीच योजना के तहत मेरे दोनों नाती अमन व अंबज को लेकर शीला देवी (शालू की सास) अपनी बेटी रिंकू देवी के घर भागलपुर चली गयी थी. ताकि बेटी की हत्या करने में कोई व्यवधान न पड़े. मृतका के पिता उमाशंकर साह तिलकनगर बेगूसराय ने दावा किया है कि नामजदों ने मेरी बेटी की हत्या कर दी है. इसकी सूचना नामजद रिंकू देवी ने सुबह छह बजे अपने मोबाइल से दी. पुलिस ने त्वरित तौर पर पति चंदन अभिषेक उर्फ मुन्ना, सास शीला देवी व ननद रिंकू देवी को गिरफ्तार कर लिया है. तीनों से गहन पूछताछ की जा रही है.
सबने मिल कर मार दिया मेरी बेटी को : पिता
शालू कुमारी के पिता उमाशंकर साह बदहवास थे. नगर थाना में उन्होंने बिलखते हुए बताया कि इस हत्यारे दामाद को बेटा की तरह मानते थे. जब जितना रुपये मांगता था. दिया करते थे. इसी 29 मार्च को मेरे भाई के साथ सपरिवार देवघर व तारापीठ गया था. भनक नहीं लगी थी मेरी बेटी की इस तरह हत्या कर दी जायेगी. इतना कहते-कहते बिलखते लगे उमाशंकर साह. बिलखते हुए कहते कि सब ने मिल कर मेरी बेटी की हत्या कर दी.
मरते समय बेटा का मुंह भी नहीं देख पायी शालू: मृतका की मां :
एक चरपहिया पर अपने दो नाती अमन (पांच वर्ष) अनिल (चार वर्ष) को गोद में लिए नानी सूरजू देवी की आंखों से मानो समंदर की तरंग की तरह आंसू बह रहे थे. अपनी लाडली शालू की जघन्य हत्या से परेशान नजर आ रही थी. वह कहती है कि शालू ने कभी नहीं बताया कि उसके साथ क्या हो रहा है. कभी ससुराल वालों या पति से संबंधित शिकायत नहीं कि. आखिर उसकी हत्या क्यों कर दी गयी. यह समझ में नहीं आता है. थोड़ी देर की खामोशी के बाद कहती है कि मरते समय अपने बेटों को भी नहीं देख पायी शालू. हत्या करने से पहले ही दोनों बच्चों को बाहर भेज दिया था. इंसाफ तो भगवान के हाथ है. बेटी की हत्यारे को सजा दिलाने तक जिंदा रहूंगी और देखूंगी कि दोषी को क्या सजा मिलती है.
