3208 आदतन शराबी में केवल 242 ही आए इलाज कराने
दो महिला आदतन शराबी भी इलाज कराने आयी थीं नशा मुक्ति केंद्र
हेमंत कुमार हीरा
अररिया आरएस : राज्य सरकार के द्वारा बिहार में शराबबंदी का आज एक वर्ष पूरा हो गया. कई शराबी पकड़े गये. जेल भी भेजे गये. यह प्रक्रिया आज भी जारी है. पुलिस व उत्पाद विभाग लगातार इस कार्रवाई में लगी है.
पर सदर अस्पताल में बने नशा मुक्ति केंद्र में स्वेच्छा से इलाज कराने वालों की संख्या आदतन शराबियों की तुलना में नगण्य रही. जिले में आदतन शराबी को शराब की लत से छुड़ाने व इसके बाद होने वाली किसी भी परेशानी को दूर करने के लिए नशामुक्ति केंद्र की स्थापना की गयी थी. आदतन शराबियों की पहचान के लिए स्वास्थ्य विभाग आंगनबाड़ी केंद्र व अन्य माध्यमों द्वारा सर्वे कराया गया. इसमें जिले में 3208 शराबी पाये गये थे. इसमें 35 महिला आदतन शराबी भी शामिल थीं. सदर अस्पताल परिसर में बनाये गये नशा मुक्ति केंद्र में शराबी के लिए प्रेरित करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने कई योजना चला रखी है. बावजूद जिले के केवल 242 पुरुष शराबी व दो महिला आदतन शराबी स्वेच्छा से इलाज कराने के लिए नशा मुक्ति केंद्र पहुंचे.
नशा मुक्ति केंद्र में आदतन शराबी को हर सुविधा : सदर अस्पताल परिसर में बनाये गये नशा मुक्ति केंद्र में स्वेच्छा से आने वाले आदतन शराबी का हरसंभव खयाल रखा गया. इसके लिए नशा मुक्ति केंद्र में शराबी के इलाज के लिए 10 बेड लगाये गये हैं, जबकि दस बेड सदर अस्पताल में एक वार्ड में लगाया गया है, जिससे में दस बेड महिला शराबी व दस पुरुष शराबी के लिए लगाये गये हैं. इससे अलावा स्वास्थ्य विभाग द्वारा आरो पानी, टीवी व एसी भी वार्ड में लागाया गया है.
