फारबिसगंज : फारबिसगंज प्रखंड के शहबाजपुर पंचायत अंतर्गत यादव टोला के वार्ड संख्या नौ में बुधवार की देर रात दो घरों में आग लग गयी. इस दौरान घर में सोयी 10 वर्षीया एक स्कूली छात्रा की झुलस कर मौत हो गयी. इस अग्निकांड में लगभग पांच लाख रुपये की संपत्ति जल कर राख हो गयी.
ग्रामीणों ने काफी परिश्रम के बाद आग पर काबू पाया. शहबाजपुर यादव टोला में बुधवार की रात शंभु यादव की पुत्री के शादी समारोह में सारे लोग व्यस्त थे. तभी लगभग एक बजे रात में अगम लाल यादव पिता स्वर्गीय सीताराम
यादव और जगदीश यादव, पिता स्वर्गीय जनक लाल यादव के घर में अचानक आग लग गयी. इस दौरान घर में सोयी हुई अगम लाल की नतनी 10 वर्षीया कल्पना कुमारी, पिता जयकृष्ण यादव की झुलस कर मौत हो गयी. आग की लपटें देखते ही गृहस्वामी सहित ग्रामीण विनोद यादव, शिवनाथ यादव, अर्जुन यादव, सिकंदरनाथ झा, अनंत यादव, कृपानंद यादव व अन्य ने घंटों परिश्रम के बाद किसी प्रकार आग पर काबू पाया.
आग बुझाने के दौरान ही उक्त छात्रा के शव को झुलसे अवस्था में देख सभी के होश उड़ गये. बताया जाता है कि मृतका के पिता का घर भी गांव में ही है. मगर वह अधिकतर अपने नाना के घर ही रहा करती थी. उक्त छात्रा गांव के ही प्राथमिक विद्यालय यादव टोला शहबाजपुर की वर्ग दो की छात्रा थी.
घटना की रात उक्त छात्रा गांव के शादी समारोह से भोज खा कर अपने नाना के घर ही आकर सो गयी थी. पीड़ितों के मुताबिक इस अग्निकांड में अगमलाल के घर का 40 मन जूट, 50 क्विंटल धान, जेवर-जेवरात, वस्त्र एवं अन्य सामान के साथ घर में रखा 40 हजार रुपये नकद भी जल कर राख हो गया. जगदीश यादव का इस अग्निकांड में एक टीवी सहित लगभग 75 हजार रुपये का अन्य सामान जल कर राख हो गया.
बताया जाता है कि इस अग्निकांड में लगभग पांच लाख रुपये की क्षति का अनुमान है. इधर, घटना की सूचना मिलते ही सीओ विष्णुदेव सिंह, बथनाहा थानाध्यक्ष अखिलेश्वर कुमार, मुखिया गुरुदेव बहरदार, सरपंच मनोज मंडल, पंसस प्रतिनिधि शिशिर मिश्रा, राजस्व कर्मचारी संजीव कुमार व अन्य गणमान्य लोगों द्वारा पीड़ितों को सांत्वना दी गयी.
इस मामले में सीओ विष्णुदेव सिंह ने बताया कि मुखिया सरपंच सहित ग्रामीण जनप्रतिनिधि के द्वारा पंचनामा बना कर देने के बाद शव का अंतिम संस्कार करने की इजाजत वरीय अधिकारियों के निर्देश पर दिया गया है. उन्होंने बताया कि पीड़ित परिवार को तत्काल आपदा राहत कोष से 9800 रुपये नगद, बरतन, वस्त्र, अनाज एवं गृह क्षतिपूर्ति के लिए दिया गया है, जबकि सरकार के निर्णय के आलोक में मृतका के आश्रितों को आपदा राहत कोष से चार लाख रुपये दिये जाने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गयी है.
