नरपतगंज (अररिया) : लगभग 20 दिन पूर्व नरपतगंज क्षेत्र के डुमरिया से लूटी गयी बाइक व फारबिसगंज थाना क्षेत्र के घोड़ाघाट में बाइक लूट के मामले में आरोपितों की धर-पकड़ के लिए मंगलवार की देर रात तीन थानों की पुलिस टीम नरपतगंज थाना क्षेत्र के नाथपुर पंचायत के वार्ड संख्या 11 के बरदाहा गांव गयी […]
नरपतगंज (अररिया) : लगभग 20 दिन पूर्व नरपतगंज क्षेत्र के डुमरिया से लूटी गयी बाइक व फारबिसगंज थाना क्षेत्र के घोड़ाघाट में बाइक लूट के मामले में आरोपितों की धर-पकड़ के लिए मंगलवार की देर रात तीन थानों की पुलिस टीम नरपतगंज थाना क्षेत्र के नाथपुर पंचायत के वार्ड संख्या 11 के बरदाहा गांव गयी थी.
वहां पुलिसकर्मियों को ग्रामीणों के विरोध का सामना करना पड़ा. ग्रामीणों ने न केवल पुलिसकर्मियों को बंधक बना कर उनके साथ मारपीट की, बल्कि गिरफ्तार आरोपितों को एसपी के निर्देश पर मुक्त करने के बाद ही ग्रामीणों ने पुलिस पदाधिकारियों को मुक्त किया. ग्रामीणों द्वारा पुलिस पदाधिकारियों
पुलिसकर्मियों को बनाया…
पर किये गये हमले में फारबिसगंज के थानाध्यक्ष, 10 पुलिस जवान व चौकीदार गंभीर रूप से घायल हो गये.
जान बचा कर भागे नरपतगंज थानाध्यक्ष
घटनास्थल से नरपतगंज थानाध्यक्ष अमित कुमार किसी प्रकार जान बचा कर भागे. इस दौरान उनके द्वारा मोबाइल से घटना की सूचना वरीय पुलिस पदाधिकारियों को दी गयी. सूचना पर तुरंत ही जिले के एसपी सुधीर कुमार पोरिका, डीएसपी अजीत कुमार सिंह दो दर्जन थानों के थानाध्यक्ष व सैकड़ों पुलिस जवानों के साथ देर रात नरपतगंज पहुंच गये. एसपी अपने पदाधिकारियों को ग्रामीणों के चुंगल से मुक्त कराने के लिए प्रयास करने लगे.
पुलिस वाहन को किया क्षतिग्रस्त
गांव के ही समीद के पुत्र इलियास व नसीरूद्दीन के पुत्र मो एजाज को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी थी. उसकी निशानदेही पर ही पुलिस उसी गांव के अन्य अपराधियों को गिरफ्तार करने व लूटी गयी बाइक को बरामद करने पहुंची थी. ग्रामीणों द्वारा इलियास को जबरन पुलिस के चुंगल से छुड़ाते हुए पुलिस वाहनों को क्षतिग्रस्त कर दिया गया. साथ ही ग्रामीण गिरफ्तार किये गये अपराधी मो एजाज व इलियास को मुक्त करने की मांग पर अड़े रहे. अंतत: एसपी सुधीर कुमार पोरिका द्वारा बाइक लूटकांड के आरोपित मो एजाज को मुक्त करने का निर्देश दिया गया इसके बाद ही ग्रामीणों द्वारा पुलिस पदाधिकारियों को मुक्त किया गया.
चोर-चोर का हल्ला कर इकट्ठा किया भीड़
आक्रोशित ग्रामीणों ने चारों ओर से चोर-चोर का हल्ला कर इलियास को छुड़ाते हुए पुलिस वाहन को क्षतिग्रस्त कर दिया. वहीं फारबिसगंज थानाध्यक्ष मुकेश कुमार साहा, नरपतगंज पुअनि प्रमोद कुमार, चौकीदार शंभु पासवान, अनंत सिंह सहित लगभग 10 पुलिस कर्मियों को पीट-पीट कर अधमरा करने के बाद मोबाइल सहित अन्य सामग्री छीन ली. इसके बाद कमरे में बंद कर घंटों बंधक बना कर रखा गया. इस घटना में गंभीर रूप से घायल चौकीदार अनंत कुमार व शंभु पासवान व अन्य का इलाज अभी भी नेपाल के न्यूरो अस्पताल में किये जाने की बात बतायी जा रही है, जहां उनकी स्थिति नाजुक बनी हुई है. थानाध्यक्ष मुकेश साहा के सिर में गंभीर जख्म है.
आक्रोशित ग्रामीणों के सामने पुलिस की एक नहीं चली
बरदाहा गांव का नजारा कुछ ऐसा था कि अपराधी तत्व के लोग तांडव करते रहे पुलिस पदाधिकारियों के जान-माल के साथ खिलवाड़ करते रहे लेकिन पुलिस की एक नहीं चली. ग्रामीण एक आरोपित मो इलियास को छुड़ाने के बाद पुलिस अभिरक्षा में गिरफ्तार एजाज को निर्दोष बताते हुए उसे छोड़ने का मांग पर अड़े रहे और लाचार पुलिस पदाधिकारियों को अंतत: गिरफ्तार एजाज को भी मुक्त कर अपने पदाधिकारियों व जवानों की जान बचानी पड़ी. पुलिस को अपराधी की कीमत पर पुलिस पदाधिकारियों को मुक्त किया गया. एसपी श्री पोरिका, डीएसपी श्री सिंह ने पीएचसी पहुंच कर घायल थानाध्यक्ष से पूछताछ कर घटना की जानकारी ली, जिसको लेकर थाना परिसर, अस्पताल व घटनास्थल पर मंगलवार को रात भर प्रशासन व जनप्रतिधियों की भीड़ लगी रही.
मारपीट में दो जवानों की हालत नाजुक
अपराधियों को गिरफ्तार करने गयी थी तीन थानों की पुलिस
फारबिसगंज थानाध्यक्ष सहित 10 पुलिसकर्मी घायल
अपराधी को छोड़ने के बाद देर रात पुलिसकर्मी हुए मुक्त
पुलिस बाइक बरामद करने व अपराधियों को गिरफ्तार करने गयी थी. कुछ अराजक तत्वों ने पुलिस टीम पर हमला कर दिया. कानून को हाथ में लेनेवालों को बख्शा नहीं जायेगा. सबों की पहचान कर प्राथमिकी दर्ज की जायेगी.