मकान से ऊंचा बन रहा है नाला

नाला सह फुटपाथ निर्माण . 42 करोड़ से एनएचआइ पर बन रहा है नाला एनएच 327इ पर जिला मुख्यालय में बन रहे नाले को लेकर संशय की स्थिति उत्पन्न हो गयी. नाले की चौड़ाई कहीं अधिक, तो कम रखी गयी है, जबकि कहीं नाले को मकान के लेवल से ऊंचा बनाया जा रहा है. ऐसे […]

नाला सह फुटपाथ निर्माण . 42 करोड़ से एनएचआइ पर बन रहा है नाला

एनएच 327इ पर जिला मुख्यालय में बन रहे नाले को लेकर संशय की स्थिति उत्पन्न हो गयी. नाले की चौड़ाई कहीं अधिक, तो कम रखी गयी है, जबकि कहीं नाले को मकान के लेवल से ऊंचा बनाया जा रहा है. ऐसे में नाले का एक-दूसरे से संपर्क नहीं हो पा रहा है. साथ ही नाले का पानी कहां गिराया जायेगा यह भी स्पष्ट नहीं किया गया है.
अररिया : जिला मुख्यालय में एनएच 327 ई के सामने हो रहे नाला निर्माण को लेकर लोगों के बीच संशय की स्थिति उत्पन्न हो रही है. वहीं मारवाड़ी पट्टी स्थित वर्षों पुराने हनुमान मंदिर को कार्यरत एजेंसी द्वारा तोड़े जाने के काम को भी स्थानीय लोगों व जनप्रतिनिधियों के द्वारा रोक लगा दिया गया है. एनएचआइ द्वारा कही जा रही बात लोगों के संशय को और बढ़ा रहा है. लोगों को संशय को दूर करने के लिए प्रभात खबर ने इस मामले की पड़ताल की तो एनएचआइ के सहायक अभियंता ने जो बातें बतायी उसमें पदाधिकारियों के बंगले पर तो मेहरबानी दिखायी गयी है, जबकि आम अवाम की सुधि लेने का ख्याल ऊपर वाले के भरोसे छोड़ दिया गया है.
चांदनी चौक के पास नाला के चौड़ाई की नहीं रहेगी बाध्यता
जानकारी अनुसार अररिया मुख्यालय में जीरो माइल से लेकर चांदनी चौक, एडीबी चौक होते हुए एसएसबी कैंप तक 4400 मीटर नाला सह फूटपाथ का निर्माण किया जा रहा है, जिसका अनुमानित प्राक्कलन एनएचआइ के सहायक अभियंता द्वारा 42 करोड़ रुपये बताया गया है. लेकिन नाला निर्माण के क्रम में जहां रिहायशी इलाके में नाला की ऊंचाई पूर्व में बने मकान से भी ऊपर रखा गया है. इन स्थानों पर मनमाने तौर पर नाला की चौड़ाई रखी जा रही है. चांदनी चौक के आस-पास नाला की चौड़ाई आवश्यकतानुसार कम करने की बात या फिर समस्या आने पर काम को रोक कर आगे बढ़ने की बात भी कही जा रही है.
साथ ही नाला का पानी जीरो माइल से चांदनी चौक के बीच बर्मा सेल पंप के समीप स्थित कोसी धार में गिराये जाने की बात कही जा रही है. एडीबी चौक से लेकर नहर तक के नाला को नगर परिषद के नाला से अटैच किये जाने की बात कही जा रही है. नप के उप मुख्य पार्षद इसके लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र की मांग कर रहे हैं.
बताया जा रहा है कि डीएम व एसडीओ के आवास के सामने नाला में भरे जाने वाले पानी के निष्पादन के लिए सोख्ता का निर्माण कराया जायेगा. अब देखने वाली बात यह है कि नाला को चांदनी चौक के बाद रोक कर आगे बढ़ने की बात कही जा रही है. जिससे नाला का संपर्क एक दूसरे से स्थापित नहीं हो पायेगा.
एनएचआइ करे स्थिति स्पष्ट
एजेंसी की कार्यशैली में असमानता को देखते हुए हनुमान मंदिर के आस-पास काम को रोकने की मांग जिला प्रशासन व एनएचआइ से की गयी है. साथ ही पूरे योजना के डीपीआर की मांग की गयी है. जल जमाव की स्थिति उत्पन्न नहीं हो इसके लिए नाले का पानी कहां और किन स्थानों पर गिराया जायेगा.
यह स्पष्ट होना जरूरी है. क्योंकि नगर वासियों को कल होकर होने वाली परेशानी की जवाबदेही उनलोगों पर नहीं थोपी जायेगी. इसके लिए काम की स्थिति को नगर वासियों के सामने स्पष्ट रूप से रखना जरूरी है.
गौतम साह, उपमुख्य पार्षद
डीपीआर को लेकर देना होगा आवेदन
नाला व फूटपाथ के निर्माण के लिए डीपीआर की मांग को लेकर संबंधित व्यक्ति को आवेदन देना होगा, जिसपर अग्रेतर कार्रवाई के लिए कार्यपालक अभियंता को भेजा जायेगा. वहां से योजना डीपीआर प्राप्त हो पायेगा.
अशोक कुमार, सहायक अभियंता

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