तूल पकड़ रहा सरपंच की हत्या का मामला

अररिया : भरगामा प्रखंड के हरिपुरकला ग्राम कचहरी के सरपंच सतेंद्र यादव की हत्या का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है. हालांकि हत्याकांड के पांच नामजद आरोपितों को पुलिस ने गिरफ्तार तो कर लिया है लेकिन परिजन पुलिस की इस कार्रवाई से संतुष्ट नहीं हैं. गुरुवार को प्रखंड मुख्यालय में आयोजित शोकसभा में पंचायत […]

अररिया : भरगामा प्रखंड के हरिपुरकला ग्राम कचहरी के सरपंच सतेंद्र यादव की हत्या का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है. हालांकि हत्याकांड के पांच नामजद आरोपितों को पुलिस ने गिरफ्तार तो कर लिया है लेकिन परिजन पुलिस की इस कार्रवाई से संतुष्ट नहीं हैं. गुरुवार को प्रखंड मुख्यालय में आयोजित शोकसभा में पंचायत जनप्रतिनिधियों ने बनमनखी थानाध्यक्ष की कार्यशौली व अनुसंधान पर प्रश्नचिह्न लगा दिया. पंचायत प्रतिनिधियों ने कहा कि

चार दिन पहले जिस जमील को पुलिस ने पकड़ा, फिर किस परिस्थिति में छोड़ दिया गया. जनप्रतिनिधियों ने इस मामले के न सिर्फ आइओ को बदलने की मांग की बल्कि भरगामा थाना स्थानांतरित करने की भी मांग की है. जनप्रतिनिधियों का कहना है कि सतेंद्र की हत्या राजनीतिक कारणों से हुई है. इस पूरे मामले की सही से जांच हो और जो वास्तविक दोषी हैं, उन पर कड़ी कार्रवाई हो.

बनमनखी में हुई थी हत्या : सतेंद्र परिवार के साथ बनमनखी के हृदयनगर में रहते थे. हालांकि सरपंच बनने के बाद गांव आना-जाना लगा रहता था. वे सरपंच संघ के प्रखंड अध्यक्ष थे. जानकारी के अनुसार बनमनखी में सतेंद्र की खाद दुकान थी. इस दुकान की देखरेख भी सतेंद्र ही करते थे. इलाके में सतेंद्र की अच्छी पैठ थी. ऐस में जनप्रतिनिधियों का यह आरोप कि सतेंद्र की हत्या राजनीतिक कारणों से हुई, इसे बल मिलता था. सतेंद्र ने सरपंच का चुनाव भी मात्र दो वोट से जीता था.

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