हड़ताल पर रहीं एमडीएम रसोइया

मिड डे मिल वर्कर्स यूनियन की मांगों में सभी एमडीएम वर्कर्स को चौथे दर्जे का सरकारी कर्मचारी घोषित करने, सभी वर्कर्स को 12 माह का न्यूनतम वेतन प्रतिमाह 18000 रुपये दिये जाने, ग्रेच्यूटी पेंशन, प्रोवीडेंट फंड, मेडिकल सुविधा आिद मांगें शामिल हैं. अररिया : अखिल भारतीय मध्याह्न भोजन रसोइया फेडरेशन के आह्वान पर बिहार राज्य […]

मिड डे मिल वर्कर्स यूनियन की मांगों में सभी एमडीएम वर्कर्स को चौथे दर्जे का सरकारी कर्मचारी घोषित करने, सभी वर्कर्स को 12 माह का न्यूनतम वेतन प्रतिमाह 18000 रुपये दिये जाने, ग्रेच्यूटी पेंशन, प्रोवीडेंट फंड, मेडिकल सुविधा आिद मांगें शामिल हैं.

अररिया : अखिल भारतीय मध्याह्न भोजन रसोइया फेडरेशन के आह्वान पर बिहार राज्य मिड डे मील वर्कस (रसोइया) यूनियन अररिया द्वारा शुक्रवार को जिले के लगभग छह हजार रसोइया ने 16 सूत्री मांगों की पूर्ति के लिए एक दिवसीय हड़ताल किया. प्रारंभिक विद्यालय में कार्यरत एमडीएम रसोइया नेताजी सुभाष स्टेडियम से जुलूस निकाल कर शहर के मुख्य मार्ग होते हुए एमडीएम कार्यालय पहुंची. वर्कर्स यूनियन की जिलाध्यक्ष कामायनी स्वामी, जिला सचिव चंद्रिका सिंह चौहान ने जुलूस का नेतृत्व किया. एमडीएम कार्यालय के सामने रसोइया ने प्रदर्शन करते हुए उनकी मांगों को जल्द मांग लेने की मांग करते रहे. इस बीच रसोइयों में कुछ ने गीत गाकर सरकार से उनकी मांगों पर विचार करने का भी आग्रह किया. संस्था के जिलाध्यक्ष व सचिव ने एमडीएम डीपीओ सुभाष कुमार गुप्ता को 16 सूत्री मांग पत्र सौंपा.

समस्याओं का किया जायेगा समाधान

इस मौके पर श्री गुप्ता ने रसोइया को संबोधित करते हुए कहा आपकी मांग तो सरकार से है. परंतु हमलोग बजट भेजते समय आपकी मांगों को भी शामिल करते हैं. उन्होंने बताया कि रसोइया का मानदेय माह नवंबर तक का भुगतान किया जा चुका है. उन्होंने कहा कि किसी भी विद्यालय से कोई शिकायत मिलती है तो उसका समाधान जल्द किया जाता है. उन्होंने कहा इसके बावजूद आप सबको कोई शिकायत है तो लिखित रूप आवेदन देकर करें. उसका भी समाधान जल्द किया जायेगा. उन्होंने कहा किसी गंभीर आरोप के मामले में ही रसोइयों को हटाया जाता है. उन्होंने यह भी कहा बच्चों की हित सर्वोपरि है. खाना बनाने में चुक होने पर अगर बच्चों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ेगा तो कार्रवाई किया जाना मजबूरी है. डीपीओ श्री गुप्ता ने सभी रसोइयों को 21 जनवरी को आयोजित होने वाली मानव श्रृंखला में बढ़ चढ़ कर हिस्सा लेने का आह्वान करते हुए कहा कि सुबह 10 बजे तक बच्चों को भोजन करा कर बच्चों के साथ मानव श्रृंखला में शामिल होंगे.

बच्चों के हित में आपका जो दायित्व है उसे निभायेंगे. मिड डे मील वर्कर्स यूनियन की मांगों में सभी एमडीएम वर्कर्स को चौथे दर्जे का सरकारी कर्मचारी घोषित करने, सभी वर्कर्स को 12 माह का न्यूनतम वेतन प्रतिमाह 18000 रुपये दिये जाने, 45 वें राष्ट्रीय श्रम सम्मेलन की सिफारिशों के अनुसार ग्रेच्यूटी पेंशन, प्रोवीडेंट फंड, मेडिकल सुविधा सहित तमाम सामाजिक सुरक्षा का लाभ देने, रसोइया के घायल होने की अवस्था में एक लाख मृत्यु होने पर पांच लाख प्रदान करने, रसोइया को वर्ष में एक जोड़ा ड्रेस व धुलाई भत्ता देने सहित अन्य प्रमुख मांगे शामिल है. रसोइया की हड़ताल के कारण जिले के 1954 विद्यालयों में शुक्रवार को मध्याह्न भोजन बंद रहा.

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