लौट सकती है बरसों पहले की खोयी हुई हरियाली
ट्रॉमा सेंटर हो सकता है चालू, सदर अस्पताल का जीर्णोद्धार भी मुमकिन
अररिया : हमेशा की तरह इस बार भी नया साल जिले वासियों के लिए बहुत सारी उम्मीदें लेकर आया है. अगर सब कुछ योजना के मुताबिक हो पाया तो कई बड़ी परियोजनाओं के पूरा होने के चलते जिले की सूरत बदलने की आस पूरी हो सकती है. यही नहीं बल्कि इसकी भी उम्मीद की जा सकती है कि जिले की बरसों पहले खोयी हुई हरियाली भी लौट आये.
गौरतलब है कि एमएसडीपी, सीमा क्षेत्र विकास सहित कुछ अन्य योजनाओं तहत जिले में कई बड़ी परियोजनाएं ली गयी हैं. उम्मीद की जा सकती हे कि वर्ष 2017 में ये परियोजनाएं पूरी होंगी. अगर ऐसा हो पाया तो फारबिसगंज अनुमंडल अस्पताल में ट्रॉमा सेंटर इसी वर्ष चालू हो जायेगा. इस पर एक करोड़ से अधिक की लागत का अनुमान है. केंद्र व राज्य सरकार से स्वीकृति मिल गयी तो सदर अस्पताल का कायाकल्प भी होना तय है.
मिली जानकारी के अनुसार एमएसडीपी के तहत दो करोड़ नौ लाख की लागत से सदर अस्पताल के जीर्णोद्धार का प्रस्ताव जिला से भेजा जा चुका है. यही नहीं बल्कि बहुत उम्मीद है कि टाउन हॉल परिसर में आधुनिक टेकनॉलोजी से लैस ऑडिटोरियम का काम भी शुरू होने की उम्मीद लगी हुई है. वहीं भारत नेपाल सीमा क्षेत्र में सीमा सड़क निर्माण का काम तेजी से हो रहा है. अब ये उम्मीद भी जग गयी है कि इसी वर्ष अररिया कोर्ट- गलगलिया रेल परियोजना में रेल पटरी बिछाने के लिए भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई शुरू हो जायेगी. जिले के भीतर 55 किलोमीटर पटरी बिछायी जानी है.
दूसरी तरफ एमएसडीपी के तहत जिले के दर्जन भर स्कूलों में बालिका कॉमन रूम व शौचालय के साथ साथ आधा दर्जन विद्यालयों में पुस्तकालय निर्माण का भी शुरू होना यकीनी हो चुका है. क्योंकि इन योजनाओं को न केवल स्वीकृति मिल चुकी है, बल्कि राशि का आवंटन भी हो चुका है. वहीं बीते दिनों डीएम के प्रेस कांफ्रेंस में हुई चर्चा के मद्दे नजर ऐसा माना जा सकता है कि बरसों पहले बना शवदाह गृह का बचा हुआ निर्माण कार्य जल्द पूरा हो जायेगा. इसी क्रम में ये उम्मीद भी की जा रही है कि अररिया-पूर्णियां माग पर कुसियार गांव के करीब लगभग 24 करोड़ की लागत से बन रहा जैव विविधता पार्क का निर्माण भी तेज गति से चलता रहेगा.
मनरेगा का वािर्षक लक्ष्य पूरा करने को पौधरोपण पर विशेष फोकस
मनरेगा में 47 लाख मानव दिवस सृजन के वार्षिक लक्ष्य को पूरा करने के लिए पौधारोपण पर विशेष फोकस दिया जा रहा है. 31 दिसंबर के प्रेस कांफ्रेंस में डीएम भी इसका जिक्र करते हुए कहा था कि जिले के सभी नौ प्रखंडों में अब तक एक हजार 472 यूनिट पौधरोपण किया जा चुका है. मानव दिवस बढ़ाने के लिए पौधारोपण की विशेष योजना बनाने का निर्देश दिया गया है. अगर योजना पर पूरी तरह अमल हो सका तो इस बात पर विश्वास किया जा सकता है कि जिले की वो हरियाली जो बरसों पहले खो गयी थी, फिर से लौट आये. वहीं जीरो माइल से शहर होते हुए गुरजने वाली एनएच 327 ई सड़क निर्माण का कार्य प्रगति पर है. उम्मीद की जा रही है कि निर्माण कार्य इसी साल पूरा हो जायेगा. ऐसा हुआ तो शहर को एक नया लुक मिल सकता है. कार्य की प्रगति को देख कर ये कहा जा सकता है कि सर सैयद पुस्तकालय भवन की उपरी मंजिल पर मैरेज सह सामुदायिक भवन का निर्माण भी अगले कुछ महीनों में पूरा हो ही जायेगा.
खस्ताहाल हो चला है िजले का सदर अस्पताल, जीर्णोद्धार की लोगों को है आस.
