पति का होता समुचित इलाज तो बच जाती जान

मृतक बंदी की पत्नी ने लगाया इलाज में लापरवाही का आरोप अररिया आरएस : सदर अस्पताल में इलाजरत बंदी रानीगंज निवासी झब्बर पासवान की हुई मौत मामले में बंदी के परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है. घटना के बाद अस्पताल के बंदी वार्ड में विलाप कर रही मृतक […]

मृतक बंदी की पत्नी ने लगाया इलाज में लापरवाही का आरोप

अररिया आरएस : सदर अस्पताल में इलाजरत बंदी रानीगंज निवासी झब्बर पासवान की हुई मौत मामले में बंदी के परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है. घटना के बाद अस्पताल के बंदी वार्ड में विलाप कर रही मृतक की पत्नी बसंती देवी पति के समुचित इलाज से उनके जान बच जाने की रट लगा रही थी. पत्नी का आरोप था कि जेल प्रशासन द्वारा अगर उनके पति का समुचित इलाज कराया जाता तो इस तरह उनकी मौत नहीं होती.
इस दौरान मृतक की पत्नी व उनके चार छोटे छोटे बच्चों का रो रो कर बुरा हाल था. मृतक बंदी की पत्नी ने इलाज में जेल प्रशासन व अस्पताल प्रशासन पर उपेक्षा का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि एक दिसंबर को बीमार हालत में झब्बर को मंडल कारा से इलाज के लिए सदर अस्पताल में भरती कराया गया था. उसी समय से अस्पताल में उनके पति के इलाज के प्रति प्रशासन की उदासीनता देखी जा रही थी. इस वजह से उनका समुचित इलाज नहीं हो पा रहा था.
पीड़िता ने कहा कि अगर परिवार वालों को इलाज की छूट दी जाती तो हमलोग मजदूरी करके भी पति के इलाज के लिए जरूरी खर्च जरूर जुटा लेते. मामले में जेलर सतीश कुमार ने कहा कि अस्पताल से अगर उन्हें इलाज के लिए रेफर कर दिया जाता तो जरूरी बाहर के अस्पताल में उनका इलाज संभव हो पाता. लेकिन ऐसा नहीं किया गया. संबंधित मामले में डीएस डॉ जयनारायण प्रसाद ने कहा कि अस्पताल में दाखिल होने के बाद से ही बंदी मरीज का समुचित इलाज चल रहा था.
मृतक कैदी के शव के पास विलाप करते परिजन. फोटो। प्रभात खबर

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