एफसीआई नहीं कर रहा अनाजों की आपूर्ति, बच्चों के मिड डे मील पर आफत

दिसंबर महीने का 47 हजार क्विंटल अनाज का भी अभी तक नहीं हो पाया हैउठाव राज्य खाद्य निगम को एफसीआई नहीं कर पा रहा है समय पर खाद्यान्न की आपूर्ति अररिया : बिहार के अररिया जिले में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के नियमों को ताख पर रख भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) डीलरों और मिड डे […]

  • दिसंबर महीने का 47 हजार क्विंटल अनाज का भी अभी तक नहीं हो पाया हैउठाव
  • राज्य खाद्य निगम को एफसीआई नहीं कर पा रहा है समय पर खाद्यान्न की आपूर्ति
अररिया : बिहार के अररिया जिले में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के नियमों को ताख पर रख भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) डीलरों और मिड डे मील के लिए आपूर्ति किये जाने वाले चावल की आपूर्ति बीते 15 दिनों से जिला राज्य खाद्य निगम को नहीं कर रहा है. खाद्यान्न आपूर्ति में हो रही देर के कारण पहले से ही राज्य खाद्य निगम का लगभग दो लाख 39 हजार क्विंटल खाद्यान्न के लैप्स होने की आशंका पैदा हो गयी है. अगर विभाग की ओर से आग्रह करने के बावजूद राज्य खाद्य निगम को बकाया खाद्यान्न के लिए अवधि विस्तार नहीं मिल पाता है, तो कम से कम 2.39 लाख क्विंटल अनाज लैप्स हो जायेगा. हालांकि, अवधि विस्तार के लिए अब तक केंद्र सरकार द्वारा कोई निर्देश राज्य खाद्य निगम को प्राप्त नहीं हुआ है.
क्या कहते हैं डीएम एसएफसी
इधर, इस संबंध में डीएमएसएफसी बीरेंद्र नाथ गुप्ता ने बताया कि एफसीआई द्वारा ससमय खाद्यान्न आपूर्ति नहीं किये जाने व उठाव की अवधि नजदीक होने के कारण खाद्यान्न व्यगत होना संभावी हो जायेगा. साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि पूर्व के खाद्यान्न के व्यगत हो जाने को लेकर विभाग को पूर्व के माह के व्यगत खाद्यान्न के अवधि विस्तार के लिए लिखा गया है.
अधिकारी बरतते हैं लापरवाही
पूर्व डीएम एसएफसी चंचल कुमार वर्मा के समय में अप्रैल माह में 82 हजार, मई माह में 55 हजार, व जुलाई माह में 85 सौ क्विंटल खाद्यान्न का उठाव नहीं हो पाया था. नवंबर माह में भी एफसीआइ द्वारा आपूर्ति में हुए विलंब के कारण नौ हजार क्विंटल खाद्यान्न का उठाव नहीं हो पाया है. बताया जाता है कि पूर्व जिला प्रबंधक के समय में खाद्यान्न उठाव में ऐसी लापरवाही अक्सर बरती जाती थी. इसका एक कारण उस समय मुख्य परिवहन अभिकर्ता को काली सूची में डाला जाना भी था. जानकारी अनुसार वर्तमान डीएम एसएफसी के कार्यकाल में एफसीआइ के फारबिसगंज स्थित गोदाम एसडब्लूसी गोदाम में चावल उपलब्ध नहीं है,जबकि एआरबीसी गोदाम में मात्र 13 हजार क्विंटल चावल है.
हर महीने 1.60 लाख क्विंटल होता है अनाज का उठाव
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार प्रतिमाह एमडीएम व राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के तहत राज्य खाद्य निगम द्वारा लगभग 1.60 लाख क्विंटल खाद्यान्न का उठाव एफसीआई के रेक प्वांइट से किया जाता है. लेकिन दिसंबर माह में एमडीएम के 2600 क्विंटल चावल सहित लगभग 47 हजार क्विंटल चावल की आपूर्ति एफसीआइ द्वारा राज्य खाद्य निगम को नहीं किया गया है. हालांकि खाद्यान्न उठाव की अंतिम तिथि 30 दिसंबर है. पर हालात बता रहे हैं कि अंतिम तिथि तक भी इतनी बड़ी मात्रा में खाद्यान्न का उठाव मुमकिन नहीं होगा.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >