ठंड ने जिले की रफ्तार पर लगाया ब्रेक
चार दिनों से तापमान 10 डिग्री के न्यूनतम स्तर पर बरकरार
सदर अस्पातल में इमरजेंसी सेवा बहाल, 75 बेड के साथ 100 कंबल की गयी व्यवस्था
सदर अस्पताल में उपलब्ध करायी गयी ठंड की लगभग 16 दवाएं
फोटो:1-कोहरे के बीच शहर की सड़कों पर वाहनों के रफ्तार पर ब्रेक
फोटो:2- एनएच 57 पर भी वाहनों की आवाजाही घटी
अररिया : जिले में ठंड के कारण लोगों की दिनचर्या पूरी तरह से ठप हो गया है. दिन भर घने कोहरे के कारण वाहनों की रफ्तार पर भी ब्रेक लगता जा रहा है. इसके बाद भी प्रशासन द्वारा अभी तक ठंड को लेकर किसी प्रकार का एहतियातन कदम नहीं उठाया गया है, जबकि लगातार तीसरे दिन भी जिले का तापमान न्यूनतम 10 डिग्री सेल्सियस पर बना हुआ है. जानकारों की मानें तो अमूमन दिसंबर के शुरुआती सप्ताह में तापमान में इतनी गिरावट पहले नहीं देखी गयी थी.
उनकी मानें तो अभी तापमान में और गिरावट आने की आशंका बनी हुई है. सोमवार को दो दिनों के बाद आसमान पर छाये कोहरे के बादल थोड़ी देर के लिए जरूर हटा. इससे लोगों ने थोड़ी देर के लिए राहत की सांस जरूर ली. लेकिन कुछ एक घंटों के बाद ही मौसम ने तेजी से अपना रूख बदल लिया. तेज पछुआ हवा और घना कोहरा ने शाम ढलने से पहले ही जिला वासियों को परेशान करने लगी. कुल मिलाकर देखा जाये, तो कुछ दिनों से जिला वासी पूरी तरह से हाड़ कंपा देने वाले ठंड की चपेट में हैं.
इधर बढ़ी ठंड के कारण सबसे ज्यादा परेशानी अस्पताल में इलाज कराने के लिए आ रहे मरीजों को हो रही है. हालांकि अस्पताल के आउटडोर में मरीजों की संख्या में कमी देखने को मिल रही है. लेकिन ठंड के कारण तरह तरह के बीमारियों की चपेट में आकर अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों की संख्या में लगातार तेजी देखी जा रही है.
अस्पताल में मरीजों के लिए विशेष इंतजाम : सदर अस्पताल के स्वास्थ्य प्रबंधक नाजीश अहमद नियाज से मिली जानकारी के अनुसार एडमिट मरीजों के लिए 75 बेड़ की व्यवस्था है जिसके लिए अस्पताल प्रबंधन 100 से ज्यादा कंबल मरीजों को ठंड से बचाव के लिए दे रहा है. ठंड के मरीजों के लिए डेक्सोना, डेरीफाइलिन, सेफोटेक्सिम, कफ सिरप, आई व इसर ड्राप, जेंटामाइसिन, ओफलोक्सासीन, एंटी एलर्जी की दवा सामान्य रूप से सदर अस्पातल में मौजूद है. कोल्ड डायरिया को लेकर आरएल, एनएस, मैंट्रोनिडाजोल, ओफलोक्सासीन ओनिर्डाजोल, जिंक सिरप, ओआरएस पॉउडर व रक्त प्रवाह को तेज करने कीदवा मेकोबॉलामिन भी उपलब्ध रोगियों के लिए उपलब्ध कराया गया है.
ठंड के कारण पीएचसी पहुंचने वाले मरीजों की संख्या बढ़ी
कुर्साकांटा प्रतिनिधि के अनुसार, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कुर्साकांटा में मंगलवार को ठंढ से पीड़ित मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ. पीएचसी प्रभारी डॉ केके कश्यम ने बताया कि ठंड के कारण खास कर छोटे बच्चों में निमोनिया, कोल्ड डायरिया, सर्दी जुकाम सहित अन्य समस्याओं में तेजी से वृद्धि हो रही है. बूढ़े बुजुर्ग को अत्यधिक ठंड के कारण लकवा व हृदयाघात का खतरा ज्यादा होता है. पीएचसी प्रभारी के मुताबिक लगातार पड़ने वाली भीषण ठंड के अस्पताल पहुंचने वाले बूढ़े व बच्चे रोगियों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है. ठंड जनित रोगों से बचाव के लिए ठंड से बचाव के उपायों को महत्वपूर्ण बताया. लोगों को ठंड से बचना चाहिए, साथ ही अपने खान पान का ध्यान रखते हुए हमेशा गरम पानी के सेवन को उन्होंने ठंड से बचने का आसान और सुलभ उपाय बताया. इधर ओपीडी में तैनात डॉ राजेश रौशन ने कहा कि इलाज के लिए अस्पताल पहुंचने वाले रोगियों के इलाज के लिए पीएचसी में प्रयाप्त इंतजाम किये गये हैं.
