मुख्यमंत्री की िनश्चय यात्रा. डीआरडीए सभा भवन में हुई बैठक, सीएम ने की समीक्षा
अररिया : चेतना सभा के बाद समाहरणालय परिसर स्थित डीआरडीए सभा भवन में आयोजित बैठक में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सात निश्चय व लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम सहित अन्य योजनाओं की समीक्षा की. सीएम की बैठक को लेकर सुरक्षा इतनी सख्त थी कि प्रधान सचिव व डीएम एसपी के अलावा कुछ गिने चुने जिला स्तरीय अधिकारियों को ही बैठक में शामिल किया गया. यहां तक की मीडिया कर्मियों को भी सभागार में जाने की इजाजत नहीं मिल पायी.
मिली जानकारी के अनुसार बैठक की शुरुआत सात निश्चय के तहत आने वाली योजनाओं के क्रियान्वयन से हुई. इसी क्रम में सीएम ने कहा कि स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड के आवेदनों के निष्पादन में कोताही नहीं बरतनी होगी. वहीं डीएम ने बताया कि जिले में अबतक एक सौ आवेदन आये हैं. 34 को स्वीकृत कर लिया गया है. बाकी में प्रक्रिया चल रही है.जानकारी देते हुए एडीपीआरओ गुप्तेश्वर कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गांव के गली मुहल्लों की सड़कों को मुख्य सड़क से जोड़ने पर विशेष ध्यान देने का निर्देश अधिकारियों को दिया. इसी क्रम में उन्होंने बताया कि सटेलाइट के जरिया सड़कों के नेटवर्किंग की खाका तैयार किया गया है. इस पर अमल होना है.
दी गयी जानकारी के मुताबिक सीएम ने फारबिसगंज में खुलने वाले आइटीआइ के लिए जमीन की उपलब्धता, शौचालय निर्माण व जिले में अपराध के आंकड़ों की समीक्षा करते हुए महत्वपूर्ण निर्देश दिया.
बताया गया कि विधायकों ने अपने अपने क्षेत्रों में सड़क व पुल पुलियों की आवश्यक्ताओं की जानकारी सीएम को दी. वहीं विधायक मंचन केसरी ने जिले में सरकारी महिला कॉलेज खोलने की मांग रखी. बताया गया कि सीएम ने कहा कि अब वो जमाना नहीं जब छात्र व छात्रा अलगक अलग कॉलेजों में पढ़ें. सबको साथ साथ पढ़ना चाहिए. ऐसा ही हो रहा है.
बताया गया कि सीएम ने कहा कि अमीन के रिक्त पदों पर जल्द बहाली होगी. मिली जानकारी के अनुसार सीएम ने बैठक के दौरान बिजली आपूर्ति को लेकर लोगों कह होने वाली परेशानियों को लेकर नाराजगी जतायी. इसी क्रम में उन्होंने विभाग के कार्यपालक अभियंता से कई सवाल भी किये.
मिली जानकारी के अनुसार लगभग दो घंटे तक चलने वाली बैठक में प्रभारी मंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव, विधायक सरफराज आलम, विद्या सागर केसरी उर्फ मंचन केसरी, अनिल कुमार यादव, अचमित ऋषिदेव, आबिदुर्रहमान व विजय कुमार मंडल के अलावा मुख्य सचिव, सामान्य प्रशासन, ग्रामीण कार्य विभाग, पीएचइडी, शिक्षा व स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव, जीविका के सीओ, नगर विकास के अपर सचिव नरेंद्र सिंह, प्रमंडलीय आयुक्त, सीएम सुरक्षा के आइजी बच्चू सिंह मीणा, मुख्यमंत्री सचिव मनीष वर्मा, सीएम के ओएसडी गोपाल सिंह, सीएम सचिवालय के सचिव अतीश चंद्रा शामिल थे.
वहीं जिला स्तरीय अधिकारियों में डीएम हिमांशु शर्मा, एसपी सुधीर कुमार पोरिका, अपर समाहर्ता आमोद कुमार शरण, जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी मनोज कुमार झा, जिला शिक्षा पदाधिकारी डा फैयाजुर रहमान, दोनों अनुमंडलों के लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी, सदर एसडीओ संजय कुमार, एडीपीआरओ गुप्तेश्वर कुमार व विभिन्न तकनीकी विभागों के कार्यपालक अभियंता मौजूद थे.
बैठक में उपस्थित अधिकारियों को दिशा-निर्देश देते सीएम.
70 प्रतिशत घरों में दिया जा चुका है िबजली का कनेक्शन
घर-घर बिजली लगातार की समीक्षा के दौरान बताया गया कि जिले 70 प्रतिशत घरों में बिजली कनेक्शन दिया जा चुका है. शराब बंदी योजना की समीक्षा के दौरान सीएम ने कहा कि इस बात पर अधिकारी निगाह रखें कि शराब के नशे के शिकार लोगों की स्थिति शराब छूटने के बाद क्या है. बताया गया कि बैठक में उपस्थित कुछ विधायकों ने जिले के कुछ ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध ढंग से शराब बनाने की जानकारी दी. मामले को संजीदगी से लेते हुए सीएम ने अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई का निर्देश दिया. बैठक में घर घर नल का जल योजना की समीक्षा करते हुए सीएम ने कहा कि शहरी क्षेत्रों के लोगों को भी गुणवत्तापूर्ण पीने के लायक पानी मिलना चाहिए. प्रशासन इसकी व्यवस्था सुनिश्चित करे.
