फारबिसगंज : जवानी थी तो बहला-फुसला कर घर लाया और उसका शोषण किया. उसे देह व्यापार के धंधे में लगा दिया. जब शरीर गिरा, तो घर से निकाल दिया. इतना ही नहीं, जब उसे कैंसर हुआ, तब भी देह व्यापार करवाते रहा.
आज वह कैंसर से पीड़ित है और जीवन गुजर-बसर करने के लिए सब्जी बेच रही है. सब्जी के व्यापार से जो पैसे बचते हैं, उससे वह महावीर कैंसर संस्थान पटना में इलाज कराती है. यह काल्पनिक नहीं बल्कि एक अबला की हकीकत है. मामला फारबिसगंज रेड लाइट एरिया से जुड़ा है. अपनी यातना से परेशान नगीना(काल्पनिक नाम) ने रेड लाइट एरिया निवासी मुसलिम पिता छुतहरू खलीफा के विरुद्ध फारबिसगंज थाना में प्राथमिकी दर्ज करायी है. दर्ज प्राथमिकी के
कैंसरपीड़िता से कराता…
आलोक में पुलिस ने मुसलिम को गिरफ्तार कर लिया है.
बहला-फुसला कर अपने साथ रखने लगा
पीड़िता नगीना को 15 वर्ष पूर्व फारबिसगंज रेड लाइट एरिया निवासी मुसलिम उसे कहीं से बहला-फुसला कर लाया और अपने साथ रखने लगा. इसके बाद धीरे-धीरे उसे देह व्यापार के धंधे में धकेल दिया. इससे होनेवाली आय से मुसलिम मालामाल होता रहा. इस बीच वह इस दल-दल से निकलने का प्रयास भी करती रही. लेकिन इसमें वह सफल नहीं हो पायी. बाद के दिनों में उसे कैंसर हो गया. इसके बाद भी मुसलिम उसे देह व्यापार करने पर मजबूर करता रहा. जब उसकी बीमारी बरदाश्त से बाहर हो गयी तो उसने इलाज कराने की बात कही. लेकिन मुसलिम ने उसका इलाज कराने की बजाय उसे मारपीट कर घर से निकाल दिया. इन दिनों वह रामपुर में मोजिम नामक व्यक्ति के घर रह रही है. वह अपने गुजर-बसर के लिए सब्जी बेच रही है. सब्जी व्यापार से जो राशि बचती है उससे वह अपना इलाज करा रही है. राशि कम होने पर वह गांव से चंदा भी वसूलती है.
इलाज कराने के बदले घर से निकाला
सब्जी बेच कर महावीर कैंसर संस्थान
पटना में इलाज करा रही है पीड़िता
पीड़िता ने फारबिसगंज थाने में दर्ज करायी प्राथमिकी
केबीसी विजेता फातमा ने किया सहयोग
कैंसरपीड़िता नगीना का जब मुसलिम ने इलाज कराने से इनकार कर दिया, तो उस वक्त केबीसी की विजेता फातमा ने उसका साथ दिया और उसे फारबिसगंज थाना ले जाकर मुसलिम के विरुद्ध मामला दर्ज कराया. आज मुसलिम सलाखों के पीछे है. इधर, अपने आप वुमेन वर्ल्ड वाइड संस्था के लोगों ने भी उसका साथ दिया. इस स्थिति में उसे इलाज के लिए पटना ले जाया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है.
