ग्रामीणों ने जमकर किया हंगामा, जाम

नाजिया हत्याकांड. मृतका के पिता ने पुलिस पर लगाया आरोपी से सांठ-गांठ का आरोप विलाप करते परिजन व आक्रोशित लोगों को समझाते एसडीओ मो शफीक. चर्चित नाज़िया हत्याकांड मामले में नाज़िया की लाश बरामद होने के बाद पीड़ित परिजनों का गुस्सा पुलिस प्रशासन पर फूट पड़ा और देखते ही देखते परिजनों ने स्थानीय लोगों की […]

नाजिया हत्याकांड. मृतका के पिता ने पुलिस पर लगाया आरोपी से सांठ-गांठ का आरोप

विलाप करते परिजन व आक्रोशित लोगों को समझाते एसडीओ मो शफीक.
चर्चित नाज़िया हत्याकांड मामले में नाज़िया की लाश बरामद होने के बाद पीड़ित परिजनों का गुस्सा पुलिस प्रशासन पर फूट पड़ा और देखते ही देखते परिजनों ने स्थानीय लोगों की मदद से करीब दो घंटे तक एनएच 327इ को ताराबाड़ी और मीरभिट्टा पुल के बीच जाम कर दिया.
पौआखाली/ दिघलबैंक : दिघलबैंक गंधर्वडांगा थाने की चर्चित नाज़िया हत्याकांड मामले में नाज़िया की लाश बरामद होने के बाद पीड़ित
परिजनों का गुस्सा पुलिस प्रशासन पर फूट पड़ा और देखते ही देखते परिजनों ने स्थानीय लोगों की मदद से करीब दो घंटे तक एनएच 327इ को ताराबाड़ी और मीरभिट्टा पुल के बीच जाम कर यातायात को प्रभावित कर दिया.
इस बीच घटना की सूचना पाकर बहादुरगंज सर्किल के पुलिस इंस्पेक्टर रणधीर सिंह और गंधर्वडांगा थाने के एएसआइ दिनेश सिंह दल-बल के साथ मौके पर पहुंच कर लाश को अपने कब्जे में लेने की कोशिश की. किन्तु परिजनों ने इसका पुरजोर विरोध करते हुए दोनों पुलिस अधिकारियों को काफी खरी-खोटी सुनायी.
परिजनों ने घंटों घटनास्थल पर इस बात को लेकर रोष प्रदर्शन किया कि इस मामले में गंधर्वडांगा के थानाध्यक्ष रहमान अंसारी द्वारा पीड़ितों के साथ न्याय नहीं किया जा रहा. थानाध्यक्ष ने न तो स्वयं लाश को बरामद कर सका और न ही मामले में सह अभियुक्त देवानंद कुमार गणेश को गिरफ्तार ही कर सका. मृतका के पिता और भाई सहित गांववालों ने पुलिस पर अभियुक्तों से सांठ गांठ का आरोप लगाते हुए वरीय पुलिस अधिकारियों से मामले में हस्तक्षेप करने की मांग करने लगे.
साथ ही तब तक लाश नहीं उठाने की बात पर अडिग रहे जब तक जिले से एसपी मौके पर पहुंच कर उनकी फरियाद नहीं सुन लेते हैं. इस मांग के बाद एसपी राजीव मिश्रा को सूचना मिलने के बाद तुरंत ही मौके पर एसडीएम मो शफीक आलम और एसडीपीओ कामिनी बाला दंगा नियंत्रण वाहन के साथ मौके पर पहुंचे और सड़क जाम कर रहे परिजनों को हर संभव कार्रवाई का भरोसा देते हुए जाम हटाने तथा लाश को पोस्टमार्टम के लिए भेजने का अनुरोध किया, जिसके बाद परिजनों का गुस्सा शांत हुआ और अधिकारियों की बात मानकर लोगों ने जाम हटा लिया.
उधर जाम हटने के बाद एसडीएम और एसडीपीओ ने शव का निरीक्षण कर पोस्टमार्टम के लिए शव को किशनगंज सदर अस्पताल भेज दिया. इन सारी प्रक्रिया के बाद एसडीपीओ कामिनी बाला ने पीड़ित परिजनों की आपबीती सुन कर यह आश्वस्त किया कि इस मामले में अभी अनुसंधान का कार्य जारी है जो भी मुजरिम होगा उसे किसी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा. साथ ही परिजनों को यह भी आश्वस्त किया कि उनकी मांगों को वे एसपी तक पहुचाएंगे और पीड़ितों से कहा कि वे अपनी शिकायतों को निश्चिंत होकर लिखित रूप से दूसरे दिन मेरे कार्यालय में आकर दें. जिसपर हर हाल में अमल होगी.
इस दौरान दिघलबैंक बीडीओ नर्मदेश्वर झा, सीओ राकेश कुमार, बहादुरगंज थानाध्यक्ष इंस्पेक्टर आफताब अहमद, पौआखाली थानाध्यक्ष इंस्पेक्टर महफूज आलम के अलावे प्रखंड प्रमुख प्रतिनिधि मो इम्तियाज़ आलम स्थानीय मुखिया श्यामल कुमार दास, सरपंच प्रतिनिधि मो इकबाल उप सरपंच कैसर आलम, मो लड्डन, शमशाद आलम सहित सैकड़ों की भीड़ उपस्थित थी.
स्थिति बिगड़ता देखा एसडीओ और एसडीपीओ ने मौके पर पहुंच आक्रोशित लोगों को किया शांत
14 दिनों बाद नदी में मिली नाजिया की लाश

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