लापरवाही . नाला निर्माण के दौरान एनएच 327इ के पास कटा केबल
एनएचएआइ की प्राधिकृत एजेंसी टॉप लाइन कटिहार द्वारा एनएच 327इ के समीप नाला निर्माण के दौरान टेलीफोन का फाइबर केबल कट गया है, जिस कारण जिले के लैंड लाइन उपभोक्ताओं का देश से संपर्क भंग हो गया है.
अररिया : एनएचएआइ की मनमानी कहें या फिर संवेदक की लापरहवाही. बेतरतीब ढंग से केबल तार व फाइबर वायर काटे जाने के कारण जिले के सात सौ बीएसएनएल लैंडलाइन उपभोक्ताओं का संपर्क देश व विदेश से कट गया है. सरकारी व निजी कंपनियों में बीएसएनएल के ब्रांड बैंड व बैंकों के सीबीएस प्रणाली को चलाने वाली लीज लाइन सुविधा भी पूर्ण रुपेण ठप है. परिणामस्वरूप बैंकों के कामकाज पर भी खासा असर पड़ गया है. इधर, व्यवसायियों व आम लोगों को भी काफी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है.
बीएसएनएल के जिला कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार फाइवर केबल के कट जाने के कारण जिले के पांच बीएसएनएल दूरभाष केंद्र के उपभोक्ताओं को बीएसएनएल से किसी भी प्रकार की सुविधा नहीं मिल पा रही है. बीएसएनएल को अब तक लगभग 70 लाख रुपये का नुकसान हो चुका है. इधर, अन्य मोबाइल कंपनियों के इंटरनेट सेवा में भी स्पीड नहीं मिल पाने के कारण बैंकिग सेक्टर को भी नुकसान झेलना पड़ रहा है.
एनएचएआइ ने नहीं किया है नियमों का अनुपालन
एनएचआइ के प्राधिकृत एजेंसी टॉप लाइन कटिहार द्वारा एनएच 327ई के सड़क किनारे नाला का निर्माण कराया जा रहा है. नाला के निर्माण के दौरान एजेंसी द्वारा सड़क किनारे जेसीबी मशीन लगाकर खुदाई की जा रही है. परिणामस्वरूप सड़क के बगल में बिछे केबल, यूजी केबल, ओएफसी केबल, पीलर व डीपी वायर पूरी तरह से कट कर बरबाद हो गया है. इसके कारण जिले में बीएसएनएल की 700 लेंड लाइन सुविधा, 132 ब्रांड बैंड उपभोक्ता, 42 लीज लाइन (कोर बैकिंग सेवा) उपभोक्ता को मिलने वाली सेवा पूर्णरूपेण ठप हो गया है. बैंक, विभिन्न दैनिक समाचार पत्र के कार्यालय, व्यवसायी, इंटरनेट कैफे, वसुधा केंद्र,
ग्राहक सेवा केंद्र व अन्य उपभोक्ताओं को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. इससे आम लोगों को भी बेहद परेशानी हो रही है. कार्यालय सूत्रों की माने तो एनएचआइ द्वारा एजेंसी को प्राधिकृत कर नाला निर्माण का काम कराया जा रहा है. इसलिए इससे पूर्व उन्हें बीएसएनएल को सूचना देनी चाहिये थी. लेकिन किसी भी प्रकार के नियमों का अनुपालन एनएचएआइ अथवा संवेदक द्वारा नहीं किया गया. इसके कारण केबल को समय पर नहीं बचाया जा सका.
कहते हैं बीएसएनएल एसडीओ
इधर, इस संबंध में पूछे जाने पर बीएसएनएल के एसडीओ पीके साह ने बताया कि बगैर पूर्व सूचना के ही एनएचएआइ का कार्यकारी एजेंसी नाला निर्माण के लिए खुदाई का कार्य कर रहा है. उन्होंने कहा कि जब तक वे एक तरफ डैमेज कंट्रोल की कोशिश करते हैं तब तक एजेंसी के कर्मी दूसरी तरफ वायर को क्षतिग्रस्त कर देते हैं. उन्होंने बताया कि तमाम प्रयासों के बाद भी अगले एक माह तक दूरसंचार सेवा को पूर्वत: पटरी पर ला पाना मुश्किल होगा. फिर भी प्रयास जारी है. क्षति के संबंध में पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि बीएसएनएल को पिछले 15 दिनों में 70 लाख रुपये का नुकसान हुआ है.
प्रतिमाह प्राप्त होता है चार लाख का राजस्व
अररिया दूरभाष केंद्र के सहायक अभियंता ने बताया कि जिला मुख्यालय के लैंड लाइन उपभोक्ता व ब्राडबैंड उपभोक्ता प्रत्येक महीने लगभग चार लाख रुपये टेलीफोन बिल के रूप में भुगतान करते हैं, जो पूरी तरह से ठप है. उन्होंने कहा कि वे इस मामले में कटिहार व पटना कार्यालय को भी सूचित कर चुके हैं. उन्होंने बताया कि जो केबल बिछा था वह लगभग 70 लाख रुपये का था. जो पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका है. अब इसका काम पूरी तरह नये सिरे से करना होगा. इस पर भी लगभग 50 लाख से अधिक की राशि खर्च होने की संभावना है.
बीएसएनएल को डैमेज कंट्रोल करना चाहिए
जहां तक बीएसएनएल के स्थानीय कार्यालय व कटिहार कार्यालय को सूचना दिये जाने की बात है तो अवश्य ही दी गयी होगी. विगत चार माह से नाला निर्माण का काम चल रहा है. वैसे भी उन्हें सुरक्षा के उपाय करने चाहिए थे. नेटवर्क नहीं रहने के कारण उन्हें भी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है. अन्य कंपनियों का भी केबल वायर अगर कट रहा है तो वे सुधार कर रहे हैं. इसलिए बीएसएनएल को भी डैमेज कंट्रोल करना चाहिए. उन्होंने कहा कि संबंधित संवेदक को सूचना दे कर खुदाई में एहतियात बरते जाने का निर्देश दिया जायेगा.
अशोक कुमार, एसडीओ, एनएचएआइ
समाहरणालय व बैंक सहित जिला मुख्यालय के सात सौ से अधिक लैंडलाइन फोन बाधित
बैंक, व्यवसायियों व ब्रांड बैंड से जुड़े संस्थानों को हो रहा है लाखों रुपये का नुकसान
बीएसएनएल को अब तक 70 लाख रुपये का हो चुका है नुकसान
